नई नीति से हरित हाइड्रोजन विनिर्माण लागत 40-50 प्रतिशत कम होगी: आईओसी

Updated on 20-02-2022 07:47 PM

नई दिल्ली देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) कार्बन उत्सर्जन वाली इकाइयों को बदलने के लिए 2024 तक अपनी मथुरा और पानीपत रिफाइनरियों में हरित हाइड्रोजन संयंत्र लगाएगी। कंपनी का मानना है कि हालिया घोषित हरित हाइड्रोजन नीति ऊर्जा बदलाव की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे लागत को कम करने में मदद मिलेगी।

आईओसी के निदेशक शोध एवं विकास एसएसवी रामकुमार का कहना है कि नई नीति से हरित हाइड्रोजन के विनिर्माण की लागत में 40-50 प्रतिशत की कटौती होगी। उन्होंने कहाकि यह नीति हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए सबसे बड़ी समर्थक साबित होगी। पेट्रोलियम रिफाइनरियां, उर्वरक संयंत्र और इस्पात इकाइयां तैयार उत्पादों के उत्पादन के लिए प्रक्रिया में ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का उपयोग करती हैं। रिफाइनरियों में पेट्रोल और डीजल से अतिरिक्त सल्फर को हटाने के लिए हाइड्रोजन का उपयोग किया जाता है। मौजूदा समय में हाइड्रोजन प्राकृतिक गैस या नेफ्था जैसे जीवाश्म ईंधन से उत्पन्न होता है और इससे कार्बन उत्सर्जन होता है।

 आईओसी ने इस ग्रे हाइड्रोजन को हरित हाइड्रोजन से बदलने की योजना बनाई है, जिसे स्वच्छ हाइड्रोजन भी कहा जाता है। इसमें ऊर्जा का इस्तेमाल नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर या पवन से किया जाता है और पानी को इलेक्ट्रोलिसिस (विद्युत अपघटन) प्रक्रिया के जरिये दो हाइड्रोजन कणों और एक ऑक्सीजन कण में बांटा जाता है।

ननवीकरणीय ऊर्जा की दो रुपए प्रति किलोवॉट (या प्रति यूनिट) की मुख्य लागत वास्तव में उत्पादन स्थल की कीमत है। इसे पारेषण लाइनों के जरिये विभिन्न राज्यों में भेजे जाने पर अलग-अलग शुल्क लगते हैं। इसके बाद यह लागत चार से सात रुपए प्रति यूनिट हो जाती है। उन्होंने बताया कि कारखाना गेट की लागत चार से सात रुपए प्रति यूनिट पर हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत 500 रुपए प्रति किलो आती है। वहीं मौजूदा ग्रे हाइड्रोजन में यह सिर्फ 150 रुपए प्रति किलो बैठती है। 17 फरवरी को घोषित हाइड्रोजन नीति के तहत हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के खुले इस्तेमाल की छूट होगी और उस पर केंद्रीय अधिभार और अंतर-राज्य पारेषण शुल्क नहीं लगेगा। यह सुविधा 30 जून, 2025 से पहले शुरू होने वाली परियोजनाओं पर मिलेगी।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 February 2022
मुंबई । वारबर्ग पिन्कस ने देश में चिकित्सा उपकरणों की सबसे बड़ी कंपनी माइक्रो लाइफ साइंसेज की अल्पांश हिस्सेदारी 21 करोड़ डॉलर (लगभग 1,575 करोड़ रुपए) में खरीदने के लिए सहमति जताई है। यह मेरिल ग्रुप की मूल कंपनी है। वैश्विक…
 23 February 2022
नई दिल्ली । टाटा समूह की रियल्टी फर्म टाटा हाउसिंग ने बुधवार को कहा कि वह मालदीव में दो लग्जरी आवासीय परियोजनाओं के विकास पर करीब 270 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह मालदीव के माले…
 23 February 2022
अगरतला । त्रिपुरा में अनन्नास और कटहल का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही त्रिपुरा अनन्नास एवं कटहल मिशन (टीपीजेएम) शुरू करने पर ‎‎विचार कर रही है। राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य सचिव पीके गोयल ने बुधवार को बताया कि टीपीजेएम को…
 23 February 2022
नई दिल्ली । मार्च-अप्रैल में देश में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। यूक्रेन-रूस संकट के गहराने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है लेकिन देश में…
 23 February 2022
मुंबई । रूस और यूक्रेन विवाद पर निवेशकों की करीबी नजरें बनी रहने के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 21 पैसे की बढ़त के साथ 74.63 रुपया प्रति डॉलर के भाव पर पहुंच गया। अंतर-बैंक…
 23 February 2022
नई दिल्ली । घरेलू बाजार में मांग कमजोर होने की वजह से बुधवार को कीमती धातुओं के भाव में गिरावट देखने को मिल रही है। एक ओर जहां सोने की कीमत में 0.28 फीसदी टूटकर 50,188 रुपए प्रति 10 ग्राम पर…
 23 February 2022
मुंबई । यूक्रेन संकट को लेकर बनी चिंता के बीच बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स बुधवार को शुरुआती कारोबार में 300 अंकों से अधिक की तेजी लेकर 57,600 के स्तर पर पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई शुरू…
 22 February 2022
नई दिल्ली । देश बड़ा कारोबारी सुनील सिंघानिया के मालिकाना हक वाले अबेकस एसेट मेनेजमेंट ने दिसंबर 2021 को समाप्त तिमाही के दौरान 12 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। शीर्ष निवेशक के पास 2,124 करोड़ रुपये से अधिक की कुल…
 22 February 2022
नई दिल्ली । देश की निजी क्षेत्र के बड़ा एचडीएफसी बैंक के खिलाफ सेबी के उस आदेश को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने खारिज कर दिया है, जिसमें नियामक ने…
Advt.