
नई दिल्ली । एलआईसी के आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (एलआईसी आईपीओ) को टालने की आशंकाओं के बीच उमा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड का आईपीओ लॉन्च होने जा रहा है। यह आईपीओ निवेशकों के लिए 28 मार्च को खुलेगा। आखिरी तारीख 30 मार्च है। इसका मतलब यह कि चालू वित्त वर्ष के आखिरी सप्ताह में कंपनी का आईपीओ बंद हो जाएगा। कंपनी 7 अप्रैल को लिस्ट होने की योजना बना रही है।
उमा ने बाजार नियामक सेबी के पास सितंबर 2021 में ड्राफ्ट पेपर्स जमा कराए थे। उमा इस आईपीओ के जरिये करीब 60 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। इनमें से 50 करोड़ रुपए का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करने में होगा। मार्च 2021 तक वर्किंग कैपिटल सुविधाओं के लिए कुल स्वीकृत सीमा 85 करोड़ रुपए थी ।
कंपनी कृषि उत्पादों और चीनी, मसाले जैसे सूखी लाल मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा, चावल, गेहूं, मक्का, ज्वार और चाय, दाल के व्यापार और मार्केटिंग में लगी हुई है। मुख्य रूप से कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और म्यांमार से कंपनी दाल, फैबा बीन्स, काली उड़द की दाल और अरहर की दाल का आयात करती है। श्रीलंका, यूएई, अफगानिस्तान को चीनी और बांग्लादेश को मक्का निर्यात करती है।
उमा ऑस्ट्रेलिया में एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के माध्यम से एक कार्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया में है। यह इसे सीधे अन्य वैश्विक स्थानों पर वस्तुओं को भेजने की अनुमति देगा। कंपनी ने अपने ड्राफ्ट पेपर में कहा कि इस कदम से कंपनी को माल ढुलाई और आयात शुल्क पर लागत बचाने में मदद मिलेगी। वित्त वर्ष 2021 में कंपनी की कुल आय 752.03 करोड़ रुपए रही थी, जो एक साल पहले 810.31 करोड़ रुपए थी।
नेट प्रॉफिट वित्त वर्ष 2021 में 12.18 करोड़ रुपए रहा, जो इसके पिछले साल 8.33 करोड़ रुपए था। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 21.25 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले 19.75 करोड़ रुपए था। कंपनी का टोटल डेट इस दौरान 42.14 करोड़ रुपए रहा।