रेलवे की ये दो बड़ी नवरत्न कंपनियां होंगी एक, सरकार मर्जर पर कर रही विचार, दोनों के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार
Updated on
06-03-2026 03:13 PM
नई दिल्ली: सरकार रेलवे की दो बड़ी कंपनियों को मिलाकर एक करने पर विचार कर रही है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने एक प्रपोजल तैयार किया है। इसका उद्देश्य रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। सरकार जिन दो कंपनियों के मर्जर का विचार कर रही है, उनके नाम इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड ( IRCON International Limited ) और रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) हैं। ये दोनों नवरत्न कंपनियां हैं।IRCON और RVNL के मर्जर की खबर के बाद आज शुक्रवार को दोनों कंपनियों के शेयर में तेजी देखी गई। IRCON के शेयर तो 10 फीसदी से ज्यादा तक उछल गए। इससे पहले सरकार ने पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (REC Ltd) के मर्जर की घोषणा कर चुकी है। PFC बोर्ड से भी इसकी मंजूरी मिल गई है।क्या है सरकार का मर्जर प्लान?
रेल मंत्रालय का प्लान है कि दोनों कंपनियों के मर्जर से रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट में तेजी आएगी, क्योंकि फिर ये सभी प्रोजेक्ट एक ही कंपनी के अंतर्गत पूरे किए जाएंगे। यानी ऐसे में दोनों कंपनियां मिलकर एक बड़ी कंपनी बन जाएगी। यह कंपनी सिर्फ भारतीय रेलवे ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के भी रेलवे से जुड़े बड़े-बड़े प्रोजेक्ट संभालने में सक्षम होगी।क्या है प्रपोजल में?
दोनों कंपनियों के मर्जर का प्रस्ताव रेल मंत्रालय ने दिया है। इस प्रपोजल का उद्देश्य इस प्रकार है:- कामों के दोहराव (duplication) को कम करना।
- रिसोर्सेज का बेहतर इस्तेमाल करना।
- बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए संयुक्त रूप से बोली लगाने की क्षमता बढ़ाना।
कई मंत्रालयों से लेनी होगी मंजूरी
- रेल मंत्रालय का यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है। इसे पूरा करने के लिए कई मंत्रालयों और विभागों से मंजूरी लेनी होगी।
- इनमें वित्त मंत्रालय, सार्वजनिक उपक्रम विभाग और आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCEA) शामिल हैं।
- दोनों कंपनियां बीएसई और एनसीई में लिस्टेड हैं। ऐसे में इन्हें शेयरधारकों और निवेशकों की भी मंजूरी लेनी होगी। साथ ही सेबी के नियमों का भी पालन करना होगा।
दोनों कंपनियों के विलय का कारण
- सरकार का प्लान है कि दोनों कंपनियों के एक होने से एक बड़ी और मजबूत कंपनी बनेगी। साथ ही सरकार का प्लान अधिक सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर तैयार करना है।
- RVNL की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट क्षमता और IRCON की टर्नकी प्रोजेक्ट विशेषज्ञता को जोड़कर रेलवे के बड़े ऑर्डर संभालना।
- IRCON पहले से मिडिल ईस्ट और साउथ-ईस्ट एशिया में एक्टिव है। वहीं RVNL घरेलू परियोजनाओं में मजबूत है। दोनों के मर्जर के बाद संयुक्त कंपनी ग्लोबल लेवल पर मजबूत पहचान बना सकती है।
- दोनों कंपनियों के मर्जर से प्रशासनिक खर्च कम होंगे। साथ ही संसाधनों का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
शेयर में आई तेजी
IRCON और RVNL के मर्जर की खबर के बाद दोनों कंपनियों के शेयर में तेजी आई। दोपहर 1 बजे IRCON का शेयर 10.57% की तेजी के साथ 148.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था। एक समय इसमें 12% से ज्यादा की तेजी आ गई थी। वहीं RVNL का शेयर करीब 3% की तेजी के साथ 288.30 रुपये पर था। कारोबार के दौरान इसमें 6.58% तक की तेजी आ गई थी।