- 28 जुलाई को न्यायमूर्ति अमित सेठ की अदालत ने पारित किया आदेश
- 13 साल पुराने निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मांगी गई रिपोर्ट
- मूल जनहित याचिका एडवोकेट वीपी सिंह राजावत ने की थी दायर
- फल-सब्जियों और पोल्ट्री फार्मों में ऑक्सीटोसिन के इस्तेमाल पर है रोक
- केवल डॉक्टर या पशु चिकित्सक के पर्चे पर ही बिक सकता है हार्मोन
- केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है राज्य की जिम्मेदारी
- सरकारी वकील को तीन दिन के भीतर याचिका की कॉपी देने के निर्देश
- चार सप्ताह बाद तय की गई मामले की अगली सुनवाई



