रायपुर/बालोद: वरिष्ठ बीजेपी नेता और अहिवारा विधानसभा से विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का हैदराबाद में निधन हो गया. विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का इलाज हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में चल रहा था. शनिवार को विधायक का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ उनके उनके गृह जिले बालोद के भेंडरा में किया गया. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. विधायक के अंतिम दर्शनों के लिए खुद सीएम सीएम विष्णु देव साय सहित कई कैबिनेट मंत्री और सांसद पहुंचे. सीएम साय ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर पार्थिव शरीर को कांधा भी दिया. सीएम ने वरिष्ठ बीजेपी विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के साथ बिताए हुए पलों को याद करते हुए कहा, उनकी स्मृतियां हमेशा मन में बसी रहेंगी, वो मिलनसार और जनता के दिलों में रहने वाले जनप्रतिनिधि थे. जनता से जुड़े मुद्दों को हमेशा विधानसभा उठाते रहते थे.
2 बार विधायक चुने गए
दिवंगत बीजेपी विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को याद करते हुए पूर्व विधायक लाभचंद बाफना ने कहा, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने अपने काम से क्षेत्र की जनता के बीच खास पहचान बनाई थी. अपने विधानसभा क्षेत्र में वो लगातार घूमते रहते थे. साल 2008 में जब वो पहली बार विधायक चुने गए तब से लेकर आज तक वो राजनीति में लगातार सक्रिय रहे. राजनीति को वो समाजसेवा का जरिया मानते थे. साल 2023 में जब पार्टी ने उनको दोबारा टिकट दिया तो उन्होने जोरदार तरीके से अपनी जीत दर्ज की. डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने अपने प्रतिद्वंदी निर्मल कोरसे को 25 हजार 263 मतों से पराजित किया.
कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 12 अगस्त 1948 को बालोद जिले के ग्राम भेंडरा में जन्मे कोर्सेवाड़ा ने राजनीति विज्ञान में एमए और बीएड की पढ़ाई की थी. शिक्षा और शासकीय सेवा से जुड़े रहने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में अपनी जगह बनाई हम सब उन्हें गुरुजी के नाम से जानते थे. नवंबर 2025 में उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था. इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिला था.
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
दिवंगत विधायक की अंतिम यात्रा में सांसद भोजराज नाग विधायक ललित चन्द्राकर , सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे, श्रम कल्याण बोर्ड अध्यक्ष राकेश पांडे, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री दयाल दास बघेल, केबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, केबिनेट मंत्री गुरु खुशवन्त साहेब सहित अन्य राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां शामिल हुईं.