
नई मर्चुरी में पारंपरिक डीप फ्रीजर की जगह चिलर रूम बनाया जाएगा। इसकी दीवारें और दरवाजे इतने मजबूत और आधुनिक होंगे कि चूहों का अंदर प्रवेश करना नामुमकिन होगा। यहां एक साथ 40 शवों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह प्रोजेक्ट न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि मेडिकल शिक्षा के स्तर को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।
8.4 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट; नई मर्चुरी के निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार है। भवन निर्माण पर जहां 1.6 करोड़ रुपये खर्च होंगे, वहीं 6.8 करोड़ रुपये की लागत से पोस्टमार्टम के लिए दुनिया के बेहतरीन आधुनिक उपकरण मंगाए जाएंगे। हमीदिया में मेडिकल छात्रों की संख्या अब 150 से बढ़कर 250 हो गई है। इसे ध्यान में रखते हुए नई मर्चुरी में एक विशाल और आधुनिक लर्निंग थिएटर बनाया जाएगा। यहां एक साथ 250 से 300 छात्र पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लाइव देख और सीख सकेंगे।
वर्तमान में जगह और संसाधनों की कमी के कारण दिनभर में मुश्किल से पांच पोस्टमार्टम हो पाते थे। नई मर्चुरी में एक साथ चार पोस्टमार्टम करने की सुविधा होगी। इससे काम की रफ्तार बढ़ेगी और परिजनों को शव के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर लाइव भी देखा जा सकेगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। बेहतर वेंटिलेशन और ड्रेनेज सिस्टम से मर्चुरी में संक्रमण और दुर्गंध की समस्या खत्म होगी। पुरानी टेबल की जगह हाई-ग्रेड स्टेनलेस स्टील की आधुनिक टेबल लगाई जाएंगी।