अवैध कालोनियों की रजिस्ट्री रोकने का कलेक्टरों को अधिकार नहीं

Updated on 16-06-2026 11:40 AM
भोपाल, अवैध कालोनी के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाने वाले कलेक्टरों के अधिकारों पर शासन ने कैंची चलाई है। कलेक्टरों से कहा गया है कि अवैध कालोनी में रजिस्ट्री रोकने का निर्णय कलेक्टर नहीं ले सकते, उनकी जिम्मेदारी सिर्फ अवैध कालोनी अधिनियम में तय प्रावधानों के आधार पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई करने तक ही सीमित है।

रजिस्ट्री पर बिना सक्षम अधिकारी और स्पष्ट न्यायिक और अर्द्धन्यायिक आदेश के बिना प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। इन स्थितियों के बगैर खरीदी बिक्री पर रोक संबंधी आदेश लीगली वैध नहीं है।

वाणिज्यिक कर विभाग ने कलेक्टरों से कहा है कि जहां तक रजिस्ट्री का प्रश्न है तो दस्तावेज का पंजीयन स्वत्व का प्रमाण नहीं बल्कि पक्षकारों के बीच लिखा पढ़ी के संबंध में मात्र सार्वजनिक साक्ष्य बनाता है।

सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को लिखे पत्र में कहा गया है कि जिला स्तर पर अवैध कालोनाइजेशन के आधार पर कुछ भूमि की खरीदी बिक्री पर रोक लगाने के साथ उनसे संबंधित दस्तावेज की रजिस्ट्री पर प्रशासकीय रूप से या तो अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगाया गया है या अनापत्ति प्रमाण पत्र या अनुमति पत्र की जानकारी मांगी जा रही है।

प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग अमित राठौर ने यह पत्र जारी कर कहा है कि ऐसे आदेश या निर्देश के अवलोकन से यह भी साफ हुआ है कि इनमें से अधिकांश में प्रतिबंध के आधार स्वरूप किसी वैधानिक प्रा‌वधान का उल्लेख नहीं रहता है तथा जिन मामले में अधिनियम या नियम का उल्लेख किया भी जाता है तो उनमें रजिस्ट्री पर रोक संबंधी कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं होता है।

कई प्रकरणों में पंजीयन अधिकारी पर पंजीयन से पहले वैध कालोनी के संबंध में जांच का भार भी डाला गया है, यह नियम विरुद्ध है।

विभाग की जांच में यह तथ्य आए सामने

विभाग द्वारा किए गए परीक्षण के बाद यह स्थिति पाई गई है।

  • खरीदी-बिक्री और प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर रोक के अलावा संबंधित प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पर भी सीधे तौर पर रोक लगी है।
  • रजिस्ट्री पर रोक का स्पष्ट उल्लेख न करते हुए सब रजिस्ट्रार या जिला रजिस्ट्रार को आदेश या निर्देश जारी किए गए हैं।
  • रजिस्ट्री से पहले ऐसे निषेधात्मक आदेश या पत्र जारी करने वाले प्राधिकारी की अनुमति लेने की अपेक्षा की गई है।
  • रजिस्ट्री से पूर्व वैध कालोनी के लिए सभी दस्तावेजों की नियमानुसार जांच की अपेक्षा सब रजिस्ट्रार से की गई है।

कालोनी विकास नियम भी स्पष्ट नहीं होते

प्रमुख सचिव ने कहा है कि कई पत्रों में मध्यप्रदेश नगरपालिका कालोनी विकास नियम 2021 के नियम का उल्लेख कर रजिस्ट्री पूर्व अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की शर्त लगाई गई है। यह नियम तय तारीख के पूर्व अस्तित्व में आई अनधिकृत कालोनी के परिप्रेक्ष्य में है। इसलिए रजिस्ट्री पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 17 June 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश के 33 जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी-बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट,…
 17 June 2026
भोपाल, एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और सास सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी गई है। इससे पहले रिमांड पूरी…
 17 June 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी में है। खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात…
 17 June 2026
भोपाल, अपनी धीमी रफ्तार को लेकर सुर्खियों में आई भोपाल मेट्रो जल्द ही नए कलेवर में नजर आएगी। इसकी न सिर्फ स्पीड बढ़ेगी, बल्कि फेरे भी बढ़ जाएंगे। जुलाई में सिग्नलिंग…
 17 June 2026
भोपाल, भोपाल में रोहित हाउसिंग सोसायटी के करीब 300 सदस्य पिछले करीब 15 सालों से अपनी ही जमीन की रजिस्ट्री और प्लॉट आवंटन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे…
 17 June 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके करियर के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। वे पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी…
 17 June 2026
भोपाल। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना पर प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नवदुनिया से विशेष बातचीत में देवकीनंदन ठाकुर…
 17 June 2026
भोपाल। राजधानी में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें फर्जी पार्सल डिलीवरी कॉल के जरिए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नरेंद्र कुमार अहिरवार का मोबाइल हैक कर…
 17 June 2026
भोपाल। प्रदेश के पूर्व मंत्री और बागली व हाटपिपल्या से तीन बार विधायक रह चुके दीपक जोशी के नाम और छवि का दुरुपयोग किए जाने का मामला सामने आया है।…
Advt.