भोपाल, 23 अक्टूबर 2026 । मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने लोकतंत्र, EVM और SIR, निवेश एवं रोजगार, नगरीय निकायों के मास्टर प्लान तथा निकायों में सरकारी खरीदी में भ्रष्टाचार को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
लोकतंत्र और जनआंदोलनों पर सवाल, आंदोलनकारियों को भाजपा द्वारा भीड़ कहना अनुचित
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आंदोलन कर रहे लोगों को भीड़तंत्र कहे जाने पर बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपने अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाते हैं। यदि सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करती है, तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने और ईवीएम बंद करने के मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं देती। उन्होंने SIR के तहत मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए और कांग्रेस को आम जनता की आवाज बताया।
निवेश की घोषणाएं बड़ी-बड़ी, युवाओं को रोजगार कब मिलेगा?
सेमीकंडक्टर हब और निवेश प्रस्तावों को लेकर उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री के निवेश संबंधी दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरों के बाद लाखों-करोड़ों रुपये के निवेश के दावे किए जाते हैं, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि कितना निवेश वास्तव में जमीन पर उतरा है। उन्होंने पूछा कि सेमीकंडक्टर परियोजनाएं कब शुरू होंगी और उनसे कितने लोगों को रोजगार मिलेगा। सिंघार ने पोर्टलों पर पंजीकृत 25 लाख से अधिक युवाओं के रोजगार को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
मास्टर प्लान पर जनता को मिले पर्याप्त समय, खुले मंच पर हो चर्चा
नेता प्रतिपक्ष ने शहरों के मास्टर प्लान पर आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा को लेकर व्यापारियों के विरोध पर कहा कि मास्टर प्लान आम लोगों की राय लेकर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय क्यों नहीं दे रही है। श्री सिंघार ने कहा कि नगरीय निकायों के मास्टर प्लान में बड़ा घोटाला हो रहा है। उन्होंने किसानों, व्यापारियों और सिविल सोसाइटी को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय देने और खुले मंच पर चर्चा कराने की मांग की।
नगर निकाय में भ्रष्टाचार सरकार करा रही है!
श्री सिंघार ने नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार को लेकर कहा कि भाजपा शासन में सरकारी खरीदारी में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री खुद इस पर रोक नहीं लगाना चाहते! वो बताएं ये भ्रष्टाचार क्या उनके संरक्षण में हो रहा है ?