इजराइल में चुनाव से 5 दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है।

नेतन्याहू ने मोदी को अगले साल 12 मई को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बातचीत की जानकारी देते हुए मोदी को अपना मित्र बताया।

नेतन्याहू के मुताबिक, मोदी ने निमंत्रण के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ते हैं। मोदी ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की भी सराहना की।


भारतीय पायलट स्मित मच्छर को भी मिल चुका न्योता

नेतन्याहू ने इससे पहले फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की थी। उन्होंने स्मित को भारत और इजराइल के लोगों का हीरो बताया था और उन्हें इजराइल आने का न्योता दिया था।

उस बातचीत में नेतन्याहू ने कहा था कि वे स्मित और अपने मित्र नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। अब उन्होंने मोदी से सीधे बात कर इस निमंत्रण का जिक्र किया है।

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में ओमानी को-पायलट हमाद अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से हमला कर दिया था।

हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया। इसके बाद दो अन्य पायलटों ने विमान की कमान संभाली और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा। विमान में 172 लोग सवार थे।


मोदी बोले- नेतन्याहू से पश्चिम एशिया के हालात पर बात हुई

प्रधानमंत्री मोदी ने X पर बताया कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालिया हालात पर चर्चा की और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने की तत्काल जरूरत पर जोर दिया।


इजराइल में स्वतंत्रता दिवस पर 12 मशालें जलाने की परंपरा

  • इजराइल का स्वतंत्रता दिवस योम हा'अत्जमाउत कहलाता है। यह हिब्रू कैलेंडर के 5 इयार को मनाया जाता है। इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है।

  • 2027 में स्वतंत्रता दिवस 12 मई को होगा। इसका समारोह 11 मई की शाम से शुरू होगा। इसी दौरान यरुशलम के माउंट हर्जल पर मशाल जलाने का खास समारोह आयोजित किया जाता है।

  • यह समारोह योम हजिकारोन यानी सैनिकों और आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों के स्मृति दिवस के खत्म होने और स्वतंत्रता दिवस की शुरुआत का प्रतीक है।

  • समारोह में 12 मशालें एक-एक करके जलाई जाती हैं। ये इजराइल की 12 प्राचीन जनजातियों का प्रतीक मानी जाती हैं।

  • देश के लिए खास योगदान देने वाले लोगों को मशाल जलाने का सम्मान दिया जाता है। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक, सैनिक, कलाकार और शहीद सैनिकों के परिवारों से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं।

  • समारोह में पहले इजराइली झंडे को नीचे झुकाकर ऊपर उठाया जाता है। यह शोक खत्म होने और खुशी व स्वतंत्रता की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

27 अक्टूबर को इजराइल में चुनाव

इजराइल में 27 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। यह गाजा युद्ध और लेबनान-ईरान के साथ संघर्ष के बाद पहला चुनाव है। इसे नेतन्याहू के नेतृत्व और उनकी सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह की तरह देखा जा रहा है।

नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। चुनाव में सुरक्षा, युद्ध और सरकार की नीतियां अहम मुद्दे हैं।


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