मलेशिया के PM अनवर इब्राहिम को क्यों याद आए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, क्या कहा?

Updated on 18-08-2026 06:04 PM
कुआलालंपुर: मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर एक बयान दिया है। अनवर इब्राहिम ने कहा, नेहरू, सुकर्णो, झोउ एनलाई और न्क्रुमाह का दौर भविष्य के लिए उम्मीद की किरण था। ये उभरते हुए और नए आजाद देश अपनी पहचान बना रहे थे। लेकिन किसी तरह यह दौर फीका पड़ गया और बड़ी ताकतों ने इसे निगल लिया। उनका यह बयान दुनियाभर में जारी सैन्य तनाव के बीच आया है, जिससे बचने के लिए कई देश सैन्य गठबंधन बनाने की कोशिशें कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "इतिहास के स्टूडेंट के तौर पर, वह समय जब हमारे पास सुकर्णो, नेहरू, चाउ और लाई, न्येरेरे या एन्क्रूमा थे। हमने सोचा कि यही भविष्य की उम्मीद है। ये उभरते हुए देश, नए आजाद देश अब खुद को साबित कर रहे हैं, मुझे लगा कि यह खूबसूरती है। फिर यह किसी तरह फीका पड़ गया, बड़ी ताकतों ने इसे निगल लिया, और फिर अब एक नए रूप में उभर रहा है, हालांकि यह अभी भी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।"पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नींव रखने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में मिस्र के राष्ट्रपति गमाल अब्दुल नासिर, युगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रो टीटो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति डॉ सुकर्णो और घाना के राष्ट्रपति क्वामे एन्क्रूमा शामिल थे। 1955 में इंडोनेशिया के बांडुंग शहर में एक सम्मेलन हुआ, जिसमें गुटनिरपेक्ष आंदोलन की मजबूत नींव पड़ी। इसमें मुख्य रूप से एशियाई-अफ्रिकी देशों की एकता और उपनिवेशवाद के विरोध पर चर्चा हुई।


गुटनिरपेक्षता का सिद्धांत क्या था?

गुटनिरपेक्षता का सिद्धांत उस समय नए स्वतंत्र देशों को अमेरिका (पूंजीवादी गुट) और सोवियत संघ (साम्यवादी गुट) के सैन्य गठबंधनों से दूर रहकर अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय संप्रभुता बनाए रखने का मार्ग था। एशिया और अफ्रीका के नए स्वतंत्र हुए देश किसी भी गुट में शामिल होकर अपनी संप्रभुता को खतरे में नहीं डालना चाहते थे। इसलिए पंडित नेहरू और उनके साथी नेताओं ने एक तीसरा रास्ता चुना, जिसे गुटनिरपेक्षता कहा गया।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.