मालवांचल, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से होगा गेहूं का उपार्जन, बाकी संभागों में 15 मार्च से शुरू होगी खरीदी

Updated on 15-04-2026 12:00 PM

 भोपाल। प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,885 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी एक अप्रैल के बजाय 10 अप्रैल से शुरू होगी।

इंदौर-उज्जैन (मालवांचल), नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी, जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया यह निर्णय किसानों के लिए अहम माना जा रहा है, हालांकि देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं।

बोरों की कमी बनी देरी की वजह

सरकार के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण बोरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने चार करोड़ सिंगल यूज बोरे खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं। जैसे ही इनकी आपूर्ति होगी, खरीदी में तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

पारदर्शी और समयबद्ध खरीदी पर जोर

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बैठक में खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध हो। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन पर फोकस

सरकार का मानना है कि व्यवस्थित और समय पर गेहूं खरीदी से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। बदलते वैश्विक हालात के बीच यह कदम राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

उधर, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री अरुण यादव ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल खेतों में पड़ी है, लेकिन सरकार खरीदी की तारीख लगातार आगे बढ़ा रही है। पहले 16 मार्च, फिर एक अप्रैल और अब 10 अप्रैल तय किया गया है, जिससे साफ है कि किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

बैठक में रहे कई मंत्री शामिल

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, किसान कल्याण मंत्री एंदल सिंह कंसाना और पशुपालन मंत्री लखन पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



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