पाकिस्‍तानी सेना बनी मददगार, चर्चित नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव एयरल‍िफ्ट किया, स्कार्दू लाए गए

Updated on 07-08-2026 01:17 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के ब्रॉड पीक हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा (निम्स दाई) समेत 5 अन्य पर्वतारोहियों का पार्थिव शरीर एयरलिफ्ट कर स्कार्दू ले जाया गया है। पाकिस्‍तानी सेना के हेलिकॉप्‍टर से गुरुवार को इन पर्वतारोहियों के शव को निकाला गया। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटियों में से एक ब्रॉड पीक पर 43 साल के पुर्जा की अगुवाई में 10 लोगों का दल पर्वतारोहण के लिए निकला था। 30 जुलाई को ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान 6,600 मीटर की ऊंचाई पर (कैंप-2 से कैंप-3 के रास्ते में) एक भयानक हिमस्खलन (बर्फीले तूफान) में पर्वतारोहियों की दुखद मौत हो गई।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (एसीपी) ने एक बयान में कहा, 'ब्रॉड पीक पर सबसे मुश्किल रिकवरी ऑपरेशन के बाद, एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान निर्मल पुर्जा, वांग झोंग, नीमा शेरपा, ग्यालू शेरपा और किल्ली पेम्बा ‘किलू’ शेरपा के शवों को हेलीकॉप्टर से स्कार्दू सीएमएच हॉस्पिटल पहुंचाने की पुष्टि करता है।' इसमें आगे कहा गया, 'जरूरी प्रक्रिया और डॉक्यूमेंटेशन के बाद, उन्हें इस्लामाबाद ट्रांसफर कर दिया जाएगा,' और ये भी बताया गया कि शवों को उनके देश वापस भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

पाकिस्तानी और अमेरिकन पर्वतारोही अभी लापता

एसीपी के महासचिव अयाज शिगरी ने डॉन को बताया कि सात शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें एयरलिफ्ट करके स्कार्दू ले जाया गया है, जबकि सर्च ऑपरेशन आठवें दिन भी जारी है। पाकिस्तानी सोहेल साखी और अमेरिकन पर्वतारोही सारा मैलोरी गीस अभी भी लापता हैं। एसीपी की नैला कियानी ने डॉन को बताया कि नवांग थिंडू शेरपा का शव देखा गया था, लेकिन ऊंचा इलाका होने की वजह से उसे बरामद नहीं किया जा सका। पुर्जा की बनाई चैरिटी संस्था निम्सदाई फाउंडेशन ने ब्रॉड पीक हिमस्खलन में जान गंवाने वाले माउंटेन गाइड्स के परिवारों की मदद के लिए वैश्विक तौर पर फंड रेजिंग कैंपेन शुरू किया है।
चैरिटी ने इस आपदा में मारे गए माउंटेन गाइड्स के परिवारों को वित्तीय मदद देने के लिए ब्रॉड पीक गाइड्स फैमिली सपोर्ट फंड शुरू किया है। पुर्जा, जो पहले ब्रिटिश गोरखा सैनिक थे, 2019 में दुनिया भर में मशहूर हुए जब उन्होंने अपने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत सिर्फ छह महीने में दुनिया की सभी 14 8,000 मीटर की चोटियों पर चढ़ाई की, और लगभग आठ साल का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। ब्रॉड पीक पर चढ़कर, उन्हें उम्मीद थी कि वे इतिहास में सभी 14 आठ-हजार ऊंची चोटियों पर दो बार चढ़ने वाले पहले व्यक्ति बनेंगे। इस लक्ष्य ने उन्हें पहाड़ पर चढ़ने की कोशिश करने के लिए उत्साहित किया, लेकिन इस अभियान का अंत दुखद रहा और उनकी जान चली गई। उनका शव निकालना काफी मुश्किल भरा साबित हो रहा था और उसे न‍िकालने में पाकिस्‍तानी सेना ने मदद की।

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