पाकिस्तान का सिंधु सभ्यता से यूं नहीं जागा प्रेम, पानी के लिए सारा ड्रामा, इस्लाम की जगह भारतीय विरासत स्वीकारेगा?

Updated on 23-06-2026 01:23 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले से कुछ दिन पहले एक भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने दो कौमी नजरिए की बात की थी। मुनीर ने कहा था कि हिंदू और मुसलमान दो अलग-अलग कौमें हैं और दोनों एक दूसरे से अलग हैं, इसलिए कभी साथ नहीं रह सकते। मुनीर ने यह तर्क बंटवारे की जिन्ना की थ्योरी को सही कहलाने के लिए दिया था। उन्होंने वही कहा था जो पाकिस्तान बनने के बाद उनके देश के स्कूलों में दशकों से पढ़ाया जाता रहा है।

भारत से नफरत का आलम यह रहा है कि पाकिस्तान में स्कूली छात्रों को बंटवारे के बाद से पढ़ाया जाता रहा है कि उसका इतिहास 712 ईस्वी में मुहम्मद बिन कासिम की सिंध जीत के बाद शुरू होता है। यही वजह है कि सिंधु सभ्यता के सबसे प्रमुख स्थलों हड़प्पा और मोहनजोदड़ों के पाकिस्तान में होने के बावजूद उन्हें उपेक्षित रखा गया। हालांकि, अब पाकिस्तान का प्यार इन प्राचीन स्थलों के लिए फिर से जागा है।

सिंधु सभ्यता से जुड़े मोहनजोदड़ों की खुदाई

पाकिस्तान ने सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख शहर मोहन जोदड़ो में नई खुदाई शुरू की है। यह खुदाई जून 2025 में शुरू हुई। लेकिन पाकिस्तान का इस प्राचीन सभ्यता का प्रेम अचानक से नहीं हुआ है। यह सिंधु जल संधि को लेकर उसे झेलने पड़ रहे संकट के बाद हुआ है। भारत ने पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था, जिसके बाद से पाकिस्तान घबराया हुआ है।

सिंधु सभ्यता से प्रेम के पीछे पाकिस्तान की चाल

पाकिस्तान अब सिंधु घाटी सभ्यता की विरासत का हवाला देकर खुद को सिंधु का मुख्य उत्तराधिकारी बता रहा है। वह सिंधु घाटी सभ्यता की कहानी का इस्तेमाल भारत को चुनौती देने और सिंधु नदी प्रणाली पर अपने दावों को मजबूत करने के लिए कर रहा है। इसका ताजा सबूत पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी का बयान है, जिसमें उन्होंने मोहन जोदड़ो और सिंधु घाटी सभ्यता का हवाला देते हुए दावा किया कि पाकिस्तान सिंधु का असली संरक्षक है।

पानी के लिए भारतीय विरासत पर जोर

बिलावल ने कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता की वजह से पाकिस्तान का इस नदी पर रक्षक के तौर पर ऐतिहासिक अधिकार है। पाकिस्तान संधि को रोकने के भारत के फैसले की लगातार आलोचना कर रह है। बिलावल और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ जैसे नेता तो भारत को युद्ध की धमकी दे रहे हैं। लेकिन सबसे अहम बदलाव अब पाकिस्तान का पुरानी विरासत की ओर लौटना है।

बिन कासिम के पहले के इतिहास पर जोर

पाकिस्तान के ऐतिहासिक नैरेटिव में अब तक मुहम्मद बिन कासिम की जीत के बाद से ही जोर दिया जाता रहा है, लेकिन हाल ही में इसने इस्लाम से पहले वाले अतीत की विरासत को उजागर करना शुरू किया है। पाकिस्तान की सरकार समर्थित डॉक्यूमेंट्री, सेमिनार और अंतरराष्ट्रीय आउटरीज प्रोग्राम सिंधु घाटी सभ्यता को पाकिस्तान की पहचान के एक मुख्य हिस्से के तौर पर पेश कर रहे हैं।
इसी अप्रैल में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने वर्ल्ड हेरिटेज डे पर एक संदेश में पाकिस्तान को सिंधु घाटी, मेहरगढ़ और गांधार सभ्यताओं का संगम बताया। हालांकि, इस बात पर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कड़ी आपत्ति जताई और याद दिलाया कि गांधार का ज्यादातर मुख्य ऐतिहासिक इलाका आज के अफगानिस्तान में है।

पाकिस्तान का नया नैरेटिव पड़ेगा उल्टा

पाकिस्तान से आ रहे इन संदेशों का मकसद साफ है और इनसे नैरेटिव बनाने की चाल साफ नजर आती है। पाकिस्तान 5000 साल पुरानी नदी सभ्यता का वारिस बनकर कानूनी और जल-विज्ञान से जुड़े विवाद में ऐतिहासिक, सभ्यतागत और भावनात्मक पहलू जोड़ने की कोशिश कर रहा है। लेकिन पाकिस्तान का यह दांव भी उसके दावे को उलझा देता है। सिंधु घाटी सभ्यता की कुछ सबसे मशहूर जगहें भले आज के पाकिस्तान में हैं, लेकिन इसकी ज्यादातर ज्ञात जगहें भारत में हैं। भौगोलिक नजरिए से सभ्यता का ज्यादातर हिस्सा पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत में है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.