बलूचों के खौफ से कांप उठा पाकिस्तान, BLA से निपटने के लिए ईरान के सामने गिड़गिड़ाए असीम मुनीर

Updated on 27-08-2026 12:33 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात अब पाकिस्तानी सेना के कंट्रोल से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के ताबड़तोड़ हमलों ने पाकिस्तानी फौज को भयानक नुकसान पहुंचाया है। हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि खुद पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अब पड़ोसी देश ईरान के सामने मदद के लिए हाथ फैलाना पड़ रहा है। आखिर BLA ने ऐसा क्या कर दिया है कि हथियारों का गुरूर दिखाने वाला पाकिस्तान अब ईरान की शरण में पहुंच गया है और असीम मुनीर ने बकायदा ईरान से मदद मांगी है?

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक बलूचिस्तान में बिगड़ते सुरक्षा हालात की वजह से पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) और इलाके में सक्रिय दूसरे अलगाववादी समूहों के खिलाफ ईरान से ज्यादा सहयोग की जरूरत महसूस हुई है।

पाकिस्तानी सेना ने बलूचों को लेकर मांगी ईरान से मदद

न्यूज 18 ने सुरक्षा से जुड़े बड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरानी नेताओं और सैन्य अधिकारियों के साथ मुनीर की इस हफ्ते हुई बैठक के दौरान BLA से खतरे और कथित आतंकियों की सीमा पार आवाजाही का मुद्दा अहम रहा। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि पाकिस्तान-ईरान सीमा के पास वाले इलाकों में BLA के नेटवर्क और कैंप चल रहे हैं और बलूचिस्तान में हमले करने के बाद लड़ाके सीमा पार कर सकते हैं।

असीम मुनीर की यह अपील अलगाववादी हिंसा में तेजी से हुई बढ़ोतरी के बीच आई है। 2025 में बलूचिस्तान में हिंसा की सैकड़ों घटनाएं हुईं हैं। यूरोपियन यूनियन एजेंसी फॉर असाइलम के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल प्रांत में 386 घटनाएं हुईं और 956 लोगों की मौत हुई। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज के अलग आंकड़ों में 2025 में बलूच विद्रोही समूहों द्वारा 225 हमलों की बात कही गई है।

क्या BLA के हमलों के आगे हार मान चुके हैं असीम मुनीर?

BLA ने हमलों के लिए पाकिस्तानी सेना के बड़े और अहम लक्ष्यों को चुनना शुरू कर दिया है। मई में इस गुट ने क्वेटा में एक ट्रेन पर हुए जानलेवा हमले की जिम्मेदारी ली थी जिससे पता चलता है कि यह विद्रोही गुट परिवहन व्यवस्था को ठप करने और सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने में सक्षम है।

इस्लामाबाद के लिए ईरान सुरक्षा के लिहाज़ से एक बहुत अहम साझीदार है क्योंकि बलूचिस्तान की सीमा ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत से लगती है और यह सीमा काफी लंबी और खुली है जिसे आसानी से पार की जाती है। यह सीमा ऐतिहासिक रूप से दोनों देशों के लिए चिंता का विषय रही है। दोनों ही देश एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं कि विद्रोही गुट उनके इलाके का इस्तेमाल करते हैं।

जनवरी 2024 में दोनों देशों ने कथित विद्रोही ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक-दूसरे पर मिसाइलें भी दागी थीं, लेकिन जल्द ही राजनयिक संबंध बहाल कर लिए। तब से पाकिस्तान और ईरान सीमा सुरक्षा के मामले में ज्यादा सहयोग करने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें गश्त और खुफिया जानकारी साझा करना शामिल है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.