चीन को चावल निर्यात का रिकॉर्ड बनाने पर पाकिस्तान की नजर, भारत के मुकाबले से हटने ने दिया मौका

Updated on 22-08-2026 12:24 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान इस साल चीन को बड़े पैमाने पर चावल निर्यात करने पर नजर गड़ाए हुए है। दरअसल चीन और भारत के बीच चावल के मुद्दे पर कुछ बाधाएं आई हैं। ऐसे में पाकिस्तानी व्यापारी और सरकार इसे अपने लिए कमाई के मौके की तरह देख रही है। पाकिस्तान दुनिया के प्रमुख चावल एक्सपोर्टर्स में से एक है। उसे दुनियाभर में चावल के बाजार में सबसे अहम चुनौती भारत से मिलती है। चीन के मामले में वह भारत को झटका देने की कोशिश में लगा है।

अरब न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान के राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने बताया है कि उनके देश से इस साल चीन को करीब 600,000 मीट्रिक टन हाइब्रिड नॉन-बासमती चावल एक्सपोर्ट किए जाने की उम्मीद है। कथित हानिकारक फर्टिलाइजर (खाद) के इस्तेमाल के कारण कुछ भारतीय एक्सपोर्टर्स पर चीन ने पाबंदियां लगाई हैं। इससे इस्लामाबाद के लिए नए मौके बने हैं।

पाकिस्तान का चीन को निर्यात

राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान (REAP) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल उसने 3.3 अरब डॉलर से ज्यादा कीमत के 60 लाख (6 मिलियन) मीट्रिक टन चावल का एक्सपोर्ट किया था। पाकिस्तान से चीन बड़ी मात्रा में नॉन-बासमती चावल खरीदता है क्योंकि पाकिस्तान हाइब्रिड चावल उगाने के लिए अक्सर चीन से आयात किए गए बीजों का इस्तेमाल करता है।

पाकिस्तान के कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए चीन का कुल चावल आयात 50 लाख (5 मिलियन) मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जिसकी कीमत 2,199 मिलियन डॉलर थी। आंकड़ों से पता चला कि इसमें पाकिस्तान का योगदान 456,359 मीट्रिक टन चावल का था, जिसकी कीमत 162 मिलियन डॉलर थी।

भारत पर पाबंदियों से बना मौका

REAP के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जावेद जिलानी ने अरब न्यूज को बताया कि चीन ने हाल ही में नियमों के पालन और फर्टिलाइजर/कीटनाशक के अवशेषों (रेसिड्यू) से जुड़ी समस्याओं के कारण कई भारतीय एक्सपोर्टर्स पर नॉन-टैरिफ बैरियर और पाबंदियां लगाई हैं। इससे चीनी बाजार में सप्लाई की एक बड़ी कमी पैदा हुई है, जिसे पाकिस्तानी एक्सपोर्टर्स पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं।
जिलानी ने बताया कि पिछले महीने पड़ोसी देश को चावल का एक्सपोर्ट बढ़ाने के मौके तलाशने के लिए REAP का पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल चीन गया था। चीन के प्रमुख आयातकों, अनाज समूहों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ बिजनेस-टू-बिज़नेस (B2B) बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 60,000 मीट्रिक टन चावल के लिए ऑर्डर और समझौतों को अंतिम रूप दिया।
REAP के संस्थापक चेयरमैन शहजाद मलिक ने कहा कि पाकिस्तान चीन को 400 से 500 मिलियन डॉलर मूल्य के चावल का निर्यात कर सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान को दूसरे देशों के मुकाबले फायदा है क्योंकि वह हाइब्रिड चावल उगाता है, जिसे चीन में पसंद किया जाता है।

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