पानी की किल्लत से घबराया पाकिस्तान, दुनिया के सामने भारत के खिलाफ फैलाया हाथ, डेटा के लिए रोए इशाक डार

Updated on 29-08-2026 12:23 PM
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत से सिंधु जल संधि के तहत तकनीकी बातचीत और पानी से जुड़े डेटा को शेयर करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। पाकिस्तान ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दबाव के कारण सहयोग और भी जरूरी हो गया है। खासकर तब जब नई दिल्ली ने 'एकतरफा तरीके से इस समझौते को स्थगित कर दिया था।'

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने तीन-सूत्रीय तरीका बताया जिसमें 1960 की संधि को पूरी तरह से लागू करने और परमाणु हथियार रखने वाले इन पड़ोसी देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए संधि में तय तरीकों का इस्तेमाल करने की बात कही। सेमिनार को वर्चुअली संबोधित करते हुए डार ने कहा 'पाकिस्तान और भारत को संधि के अनुसार तकनीकी बातचीत, पारदर्शिता और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू और मजबूत करना चाहिए।'

भारत ने कर दिया है सिंधु जल संधि को स्थगित

इशाक डार ने आगे कहा 'ये कोई अनुचित मांगें नहीं हैं। ये दो संप्रभु देशों के बीच गंभीरता से किए गए और छह दशकों से अधिक समय से चले आ रहे समझौते की जरूरतें हैं।' भारत ने अप्रैल 2025 में विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली इस संधि को अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित कर दिया था। इसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी थी। भारत ने साफ कर रखा है कि 'खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं।'
इशाक डार ने शुक्रवार को कहा कि समझौता 'वैध, बाध्यकारी और पूरी तरह से लागू' है। उन्होंने तर्क दिया कि छह दशकों से ज्यादा समय में युद्धों, सैन्य संकटों और राजनयिक संबंधों के टूटने के बावजूद इस संधि का बने रहना यह दिखाता है कि साझा जल संसाधनों को राजनीतिक तनाव से अलग रखना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह विवाद और भी जरूरी हो गया है क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण पाकिस्तान में पानी की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है जबकि पाकिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे अधिक जल-संकट वाले देशों में से एक है।

सिंधु संधि को अंतर्राष्टीय मुद्दा बनाने की पाकिस्तान की कोशिश

इशाक डार ने इस विवाद को लेकर चिंता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की और वाशिंगटन में हुई बैठक में कहा कि संधि की व्यवस्थाओं में एकतरफा दखलअंदाजी के नतीजे दक्षिण एशिया से कहीं आगे तक जा सकते हैं। पाकिस्तान आरोप लगा रहा है कि संधि को एकतरफा तौर पर रोकने का भारत का फैसला एक मिसाल बन सकता है और इससे दुनिया भर के उन देशों को चिंता होनी चाहिए जो नदी के बहाव की दिशा में नीचे की तरफ स्थित हैं। उन्होंने कहा 'इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की दक्षिण एशिया में संधि-आधारित जल प्रबंधन को बनाए रखने में जायज दिलचस्पी है।'

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.