'भारत ही नहीं फ्रांस भी झूठा', सभी 36 राफेल जेट के टेंडर से बौखलाए पूर्व पाकिस्तानी उच्यायुक्त, निकाली खीज

Updated on 27-06-2026 02:57 PM
इस्लामाबाद: भारतीय वायुसेना ने अपने सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों के मेंटेनेंस के लिए ब्रिज सपोर्ट टेंडर जारी किया है। इससे पाकिस्तान के उस दावे को धक्का पहुंचा है, जिसमें कहा गया था कि पाक आर्मी ने बीते साल मई की लड़ाई में कुछ राफेल विमानों को मार गिराया था। ऐसे में अब पाकिस्तानी अपने दावे के पक्ष में नए तर्क गढ़ रहे हैं और सबको झूठा बताते हुए अपनी बात को सच कह रहे हैं। पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने अपनी बात को जायज ठहराने के चक्कर में पूरे टेंडर को ही फर्जी करार दे दिया है।

जर्मनी में राजदूत और भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने आरोप लगाया है कि राफेल विमानों के रखरखाव से जुड़े टेंडर और इंडिया एयरफोर्स के आधिकारिक दस्तावेज सच नहीं है। उन्होंने तो राफेल बनाने वाली कंपनी को भी झूठा बता दिया है। बासित ने कहा है कि भारत इस मामले पर सच छुपा रहा है और राफेल बनाने वाली फ्रांस की डसॉल्ट कंपनी अपने हितों के लिए भारत का साथ दे रही है।

भारत से फ्रांस तक सब झूठे: बासित

अब्दुल बासित का कहना है कि भारत के दस्तावेज गलत हैं तो डसॉल्ट भी झूठ बोल रही है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में सिर्फ पाकिस्तान का राफेल गिरा देने का दावा ही सही है। बासित ने दावा किया कि खुद डसॉल्ट ने तकनीकी खराबी से एक राफेल के गिरने की बात कही थी। ऐसे में कॉन्ट्रैक्ट 36 के बजाय 35 का होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं है।

बासित ने एक टीवी चैनल पर बोलते हुए दावा किया, 'पाकिस्तान ने भारत के कुछ जेट बीते साल मई की लड़ाई में मार गिराने का दावा किया था। भारत के पास उस वक्त 36 राफेल जेट थे और अब भी उनकी एयरफोर्स 36 जेट के लिए टेंडर जारी कर रही है। ऐसा लगता है कि इसमें कुछ छिपाया जा रहा है, जिसमें राफेल बनाने वाली कंपनी भी शामिल है।'

क्यों मची है पाकिस्तान में खलबली

फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल फाइटर जेट के लिए अस्थायी सपोर्ट व्यवस्था के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के हालिया टेंडर ने पाकिस्तान के उन बार-बार किए जा रहे दावों को गलत साबित कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि पिछले साल ' ऑपरेशन सिंदूर ' के दौरान कई विमान नष्ट हो गए थे।भारतीय सैन्य अधिकारियों ने पहले ही इन दावों को खारिज किया था लेकिन पाकिस्तान का कहना था कि संघर्ष के दौरान कई राफेल फाइटर जेट मार गिराए गए थे। टेंडर जारी होने से पाकिस्तान में खलबली है। इससे पाकिस्तान के दुनियाभर में विमान गिराने को लेकर फैलाए गए प्रोपेगैंडा का गुब्बारा फूट गया है।

क्या है नया टेंडर

जून में जारी एयर हेडक्वार्टर के 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (RFP) के अनुसार, IAF ने सेवा में मौजूद सभी 36 राफेल विमानों के लिए पांच महीने के 'ब्रिज सपोर्ट पैकेज' के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। 'ब्रिज सपोर्ट पैकेज' एक शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट है, जिसका मकसद लंबे समय के लिए मेंटेनेंस एग्रीमेंट फाइनल होने तक विमानों की उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स सहायता और मेंटेनेंस सपोर्ट सुनिश्चित करना है।

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