अंतिम संस्कार के लिए शहर के सबसे बड़े मुक्तिधाम में लकड़ी नहीं...
Updated on
07-04-2026 11:54 AM
भिलाई। शहर के सबसे बड़े मुक्तिधाम में शव जलाने के लिए लकड़ी की कमी हो गई है। शव जलाने के लिए अब आम जनमानस को रामनगर मुक्ति धाम में नगर निगम भिलाई लकड़ी उपलब्ध नहीं कर पा रहा है। सोमवर शाम 6 बजे तक करीब 10 शव अंतिम संस्कार के लिए आए थे जिनमें से 6 शवों को जलाने के लिए लकड़ी उपलब्ध कराई गई।
भिलाई के रामनगर मुक्तिधाम में नगर निगम द्वारा मात्र 101 रुपए में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की सुविधा सन 2006-7 में आमजन, विशेषकर गरीब वर्ग के लिए राहत की सुविधा रही है। लेकिन वर्तमान में लकड़ी नहीं मिलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां महंगाई के दौर में गैस और अन्य संसाधनों की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं अब अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है।
लकड़ी की कमी से बढ़ी परेशानी रामनगर मुक्तिधाम में लकड़ी की अनुपलब्धता ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। पहले जहां 101 रुपए में निगम द्वारा लकड़ी दी जाती थी, वहीं अब लोगों को बाजार से महंगी दर 900,1000 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर लकड़ी खरीदनी पड़ रही है। मुक्तिधाम में शव लेकर आने वालों के अनुसार, अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त लकड़ी जुटाना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
गरीबों के लिए सबसे बड़ा संकट समाज के कमजोर वर्ग के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक है। जिनके पास जीवनयापन के लिए ही पर्याप्त साधन नहीं हैं, उनके लिए अंतिम संस्कार का खर्च उठाना अत्यंत कठिन हो गया है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि गरीबों को सम्मानजनक अंतिम विदाई मिल सके।
नगर निगम की लापरवाही पर उठ रहे सवाल इस पूरे मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते लकड़ी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। निगम द्वारा चलाई जा रही यह योजना सामाजिक जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन लकड़ी की कमी प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सुविधा को पुनः शुरू किया जाए। अंतिम संस्कार जैसी प्रक्रिया में भी यदि लोगों को संघर्ष करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जरूरत है कि नगर निगम इस समस्या को प्राथमिकता से हल करे, ताकि हर व्यक्ति को गरिमा के साथ अंतिम विदाई मिल सके, क्योंकि यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है।
101 रुपए में लोगों को अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की नगर निगम भिलाई की योजना पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम और तात्कालिक विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे के निर्देश पर पहली बार भिलाई के रामनगर मुक्तिधाम में 2006-07 में की गई थी। जिसमें हिंदुओं के लिए जलाऊ लकड़ी, मुसलमानों के लिए पटरा और क्रिश्चियन समाज के लिए ताबूत शामिल था । हिंदुस्तान की यह पहली योजना थी जो वर्तमान स्थिति तक चल रही हैं।महापौर नीरज पाल ने इस संबंध में बताया कि सामान्य सभा में पास कर दिया गया था। मार्च तक लकड़ी आना था लेकिन टेंडर लगाने का काम वैधानिक प्रक्रिया होता है। मुक्तिधाम में लकड़ी नहीं होने के जिम्मेदार भिलाई कमिश्नर है।
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