होर्मुज स्ट्रेट के खुलने के आसार नहीं, ईरान में अमेरिका के खिलाफ तेवर सख्त, लड़ने के मूड में IRGC, आगे क्या?

Updated on 22-04-2026 02:51 PM
तेहरान: ईरान के अंदर अमेरिका को लेकर सख्त तेवर हैं और IRGC ने अमेरिका के सामने एक सेकंड के लिए भी झुकने से इनकार कर दिया है। ईरान की 'जैसे को तैसा' वाली स्ट्रैटेजी से होर्मुज स्ट्रेट पर खतरा बना हुआ है। तेहरान से रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार तोहिद असादी ने कहा है कि 'युद्धविराम को लेकर ईरान में पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरह के विचार हैं।' तेहरान के लोग साफ शब्दों में कह रहे हैं कि वो अमेरिका की तरफ से थोपे गई शर्तों पर बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि जब हम ईरानियों के 10 प्वाइ्ंट और अमेरिका के 15 प्वाइंट प्रपोजल की तुलना करने हैं तो हमें पता चलता है कि असल में ये दोनों प्रस्ताव एकदम अलग है।

तेहरान में अमेरिका को लेकर अविश्वास है और ईरानी सेना की बातचीत में भी अमेरिका को लेकर अविश्वास है। इसीलिए यह एक चेतावनी है कि टकराव का एक और दौर आगे हो सकता है। तेहरान अभी भी इन बातचीत में दबाव और फायदे के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है। ईरानी IRGC ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलेगा।

क्या होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा ईरान?

ईरानी कह रहे हैं कि उनकी फॉरेन पॉलिसी का आधार खासकर जब इजराइल की बात आती है तो सबके लिए सिक्योरिटी बनाम किसी के लिए सिक्योरिटी नहीं है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट है कि IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर लड़ाई फिर से शुरू हुई तो वह अपने दुश्मन पर 'कड़ा हमला' करेगा। IRGC का कहना है कि वह किसी भी नए हमले का सामना करने के लिए तैयार है और दोबारा लड़ाई होने पर अपने 'दुश्मन के बचे हुए एसेट्स' पर भयानक हमले करेगा। इसने कहा कि IRGC ने युद्धविराम के दौरान सतर्कता बरतने और दुश्मन की हरकतों पर नजर रखने को कहा है।सबसे बड़ी अड़चन अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने का फैसला है। लेबनान और वहां संघर्ष-विराम के उल्लंघन भी उन मुद्दों में शामिल हैं जिनका अभी तक कोई हल नहीं निकला है। साथ ही यूरेनियम संवर्धन का मुद्दा भी बना हुआ है। वहीं इस बात की संभावना कम ही है कि ईरानी टीम तब तक इस्लामाबाद पहुंचेगी जब तक अमेरिकी प्रशासन ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी हटाने की दिशा में कोई और कदम नहीं उठाता।

ईरान युद्ध शुरू हुए हो गये 54 दिन

ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था जिसका आज 54वां दिन है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक सीजफायर बढ़ा रहा है जब तक तेहरान युद्ध खत्म करने की शर्तों के साथ अपना नया प्रपोजल नहीं दे देता और जब तक बातचीत खत्म नहीं हो जाती। जिसपर ईरान ने कहा है कि 'युद्धविराम बढ़ाने का फैसला निरर्थक है।' ट्रंप ने कहा कि ईरान पर US नेवी की नाकाबंदी बनी रहेगी। ईरान ने जोर देकर कहा है कि यह नाकाबंदी सीजफायर का उल्लंघन है और तेहरान ने साफ कर दिया है कि "धमकियों की छाया" में या जब तक नाकाबंदी बनी रहती है बातचीत नहीं होगी ऐसे में बातचीत का रास्ता कमजोर और अनिश्चित हो जाता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 June 2026
बीजिंग: "दूर के रिश्तेदार से अच्छा एक करीबी पड़ोसी होता है।" यह कहावत तो आपने सुनी होगी लेकिन इस बार चीन के विदेश मंत्री वांय यी ने इसका इस्तेमाल नेपाल…
 16 June 2026
लंदन: यूके पुलिस ने इंग्लिश चैनल में रूसी तेल लेकर जा रहे एक शैडो फ्लीट को जब्त किया है। इस दौरान जहाज चला रहे भारतीय कैप्टन को गिरफ्तार किया गया…
 16 June 2026
वॉशिंगटन: अमेरिकी वायु सेना का B-52 बमवर्षक विमान दक्षिणी कैलिफोर्निया के एडवर्र्ड एयरफोर्स बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गया। एयरफोर्स बेस ने बताया कि इस हादसे…
 16 June 2026
तेल अवीव: अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के कुछ घंटे बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रतिक्रिया दी है। डील पर अपनी असहमति जाहिर करते हुए नेतन्याहू ने…
 15 June 2026
नई दिल्ली: पिछले दिनों शांगरी-ला डायलॉग में अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कुछ बातें कहीं, जिनसे एशिया को लेकर नए संकेत मिले। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नई…
 15 June 2026
तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन ईरान पर लगी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी…
 15 June 2026
पेरिस: यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे E4 देशों ने ईरान को बड़ी राहत दी है। इन मुल्कों ने कहा है कि ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने के लिए…
 15 June 2026
काठमांडू: नेपाल ने गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट अरेंजमेंट (G2G) के तहत भारत से खाद की खरीद घटा दी है। नेपाल ने भारत से 50,000 टन केमिकल फर्टिलाइजर इंपोर्ट करने के लिए लेटर ऑफ…
 13 June 2026
तेल अवीव: ईरान के खिलाफ फरवरी के आखिर में सैन्य ऑपरेशन की शुरुआत इजरायल और अमेरिका ने साथ मिलकर की थी, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के…
Advt.