75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची एमपी सरकार, पात्रता परीक्षा को TET के बराबर मानने की रखी मांग

Updated on 07-08-2026 12:18 PM

भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2005 से 2009 के दौरान पदस्थ हुए लगभग 75 हजार शिक्षकों के प्रमोशन की राह आसान करने के लिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने शीर्ष अदालत में एक पूरक अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई है कि 2005 और 2008 में आयोजित संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2 पात्रता परीक्षा को ही 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) के समकक्ष मान्यता दी जाए।

विभाग का कहना है कि उस दौरान ली गई परीक्षा का प्रारूप और स्तर वर्तमान टीईटी के समान ही था, इसलिए इतने सालों से सेवा दे रहे शिक्षकों को पुन: टीईटी परीक्षा देने के लिए विवश न किया जाए। सरकार का तर्क है कि देश में शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून अप्रैल 2010 में लागू हुआ था, जबकि मध्यप्रदेश में शिक्षकों के चयन हेतु पात्रता परीक्षा प्रणाली वर्ष 2005 से ही अस्तित्व में है। यदि कोर्ट से सकारात्मक राहत मिलती है, तो 2011 से पहले भर्ती हुए इन हजारों शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।

टीईटी उत्तीर्ण करने पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने हालिया आदेश में स्पष्ट किया है कि अध्यापन के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य है। शीर्ष अदालत ने सख्त हिदायत दी है कि अगस्त 2028 तक जो शिक्षक टीईटी पास नहीं करेंगे, उन्हें सेवा से पृथक किया जा सकता है।

पूरक याचिका क्या है?

यह अदालत में पहले से लंबित किसी मामले के अंतर्गत दायर की जाने वाली एक अतिरिक्त अर्जी होती है। इसका उपयोग मुख्य केस के दौरान समय सीमा बढ़ाने, नए प्रमाण पेश करने या किसी निर्देश में आंशिक संशोधन की मांग के लिए किया जाता है। यह कोई नया मुकदमा न होकर पुराने मामले का ही एक अंग होती है।

शिक्षक अब आपसी रजामंदी से बदल सकेंगे स्कूल व जिला

चालू वर्ष में नियुक्त हुए करीब 7,500 प्राथमिक शिक्षकों को प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर का मौका दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार, शिक्षक म्यूचुअल ट्रांसफर के आधार पर अपना पदस्थापना स्थल बदल सकते हैं।

मुख्य शर्तें एवं प्रक्रिया

  • यदि गांव में पदस्थ शिक्षक शहर जाना चाहता है, तो शहर के शिक्षक को उसी गांव के स्कूल में आना होगा।
  • अलग-अलग जिलों में कार्यरत दंपत्ति पद रिक्त होने की स्थिति में एक ही जिले में स्थानांतरण ले सकेंगे।
  • ट्रांसफर केवल समान वर्ग (सामान्य से सामान्य, एससी से एससी और एसटी से एसटी) के बीच ही संभव होगा।
  • जिला बदलाव के लिए पोर्टल पर 10 और 11 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसमें दोनों शिक्षकों का हस्ताक्षरित सहमति-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 08 September 2026
भोपाल, 15 जून से शुरू हुई नोटिस-सीलिंग और पंचनामा की कार्रवाई अब बेअसर होती दिख रही है। नगर निगम के अफसर पंचनामा बनाने के बाद प्रतिष्ठानों की ओर दोबारा देखना तक…
 08 September 2026
भोपाल, प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल की नसीहत का असर दिखने लगा है। रविवार शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र यति ने भोपाल जिले की जिला कार्यसमिति की…
 08 September 2026
भोपाल, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल में ‘रूमा समिट 2026’ का आयोजन किया गया। एलएनसीटी ऑडिटोरियम में हुए इस सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने रूमेटोलॉजी से जुड़ी बीमारियों की पहचान और…
 08 September 2026
भोपाल, सागर में जहरीली शराब से हुई 20 से अधिक मौतों के बाद आबकारी विभाग ने अब अवैध शराब के साथ-साथ इसके निर्माण और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी…
 08 September 2026
भोपाल, राजधानी में सेंट्रल जीएसटी (CGST) ने जिम 365 डिग्री के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी सामने आई है। टीम…
 08 September 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में निवेश…
 08 September 2026
भोपाल। आयुष्मान योजना में संबद्ध निजी अस्पतालों की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के अनुबंधित अस्पताल मेडिसिन के पैकेज में रोगियों का उपचार तभी कर…
 08 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में राजनीतिक संरक्षण में आबकारी अधिकारी, पुलिस और शराब ठेकेदारों के गठजोड़ के कारण लाइसेंसी ठेका दुकानों से जहरीली और घटिया शराब की बिक्री बढ़ी है। शराब…
 08 September 2026
भोपाल। अशोकनगर जिले के चंदेरी में चार युवाओं से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 9.80 लाख रुपये और मूल दस्तावेज ठगने के मामले में गिरफ्तार 30 वर्षीय तृप्ति…
Advt.