'भारत और चीन का मिल रहा साथ' NSR रूट पर व्लादिमीर पुतिन का बयान, जानें कितना अहम है ये समुद्री रास्ता

Updated on 13-08-2026 12:36 PM
मॉस्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि भारत उन प्रमुख देशों में शामिल है, जो नॉर्दर्न सी रूट (NSR) पर रूस के साथ सहयोग करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। पुतिन ने बुधवार को इस रूट को लेकर हुए एक सवाल के जवाब में यह बात कही है। पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और आर्कटिक में बढ़ती जियोपॉलिटिकल प्रतिस्पर्धा के बीच इस रूट की कमर्शियल क्षमता को बढ़ाना चाहता है।

व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि NSR पर रूस को भारत और चीन जैसे सहयोगी देशों की दिलचस्पी दिख रही है, ये एक अच्छा संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि रूस ने बार-बार ये दोहराया है कि वह मौजूदा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के दायरे में रहकर नॉर्दर्न सी रूट के फायदों का इस्तेमाल करने और सहयोग करने के लिए तैयार है। हम इस पर सहयोगी देशों के साथ सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं।

नॉर्दर्न सी रूट क्या है?

नॉर्दर्न सी रूट रूस के आर्कटिक तट के साथ-साथ चलता है और आर्कटिक महासागर के जरिए अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ता है। यह पारंपरिक स्वेज नहर रूट की तुलना में यूरोप और एशिया के बीच काफी छोटा समुद्री लिंक मुहैया कराता है। इससे यात्रा के समय में 10 से 14 दिनों की कमी आ सकती है।

इस रूट का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि आर्कटिक में बर्फ की परत लगातार कम हो रही है। इससे यहां से लंबे समय तक नेविगेशन संभव हो सकता है। हालांकि खराब मौसम की स्थिति, सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर और आइस-क्लास जहाजों की उपलब्धता इसके व्यापक कमर्शियल इस्तेमाल के लिए बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।

रूस को सहयोगियों की तलाश

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के एक विश्लेषण में कहा गया है कि रूस इस रूट को विकसित करने के लिए सहयोगियों की तलाश कर रहा है। रूस के आर्कटिक तट पर पर्याप्त बंदरगाह और कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है, जो इस क्षेत्र को देश के औद्योगिक और कमर्शियल केंद्रों से जोड़ सके। रूसी ऊर्जा के प्रमुख खरीदार होने के नाते भारत और चीन NSR के विकास और संचालन में भाग लेने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

इस रूट का मॉस्को और नई दिल्ली दोनों के लिए व्यापक जियोपॉलिटिकल महत्व है। रूसी पक्ष भारत को शामिल करने में महत्व देखता है क्योंकि वह रूसी सुदूर पूर्व में चीन की बढ़ती आर्थिक मौजूदगी को संतुलित करना चाहता है। पुतिन ने आर्कटिक में व्यापक जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम और NATO के विस्तार पर भी हालिया दिनों में चिंता का इजहार किया है।
पुतिन ने यह भी कहा है कहा कि मॉस्को मौजूदा समुद्री कानूनों के तहत NSR पर अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ काम करने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूरोपीय देश रूसी व्यापारिक जहाजों को जब्त करते हैं तो रूस जवाब देगा। ऐसे किसी भी कदम को मॉस्को समुद्री डकैती और लूटपाट की तरह से देखेगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.