काम कर गई सरकार की सख्ती, चीनी की एक्स-मिल कीमत में गिरावट

Updated on 25-08-2026 04:33 PM
नई दिल्ली: फेस्टिव सीजन से पहले महंगाई के मोर्चे पर अच्छी खबर है। चीनी की एक्स-मिल कीमत में 18 फीसदी गिरावट आई है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने दावा किया है कि सरकार के आयात की अनुमति देने और चीनी की जमाखोरी तथा सट्टेबाजी पर रोक लगाने के फैसले के बाद चीनी की एक्स-मिल कीमत 18 प्रतिशत घटकर 55 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है। चीनी की कीमत में हाल में काफी तेजी आई थी। इसके काबू में करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी आयात करने का फैसला किया है।
पिछले हफ्ते चीनी की एक्स-मिल कीमतें रिकॉर्ड 67 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थीं। चोपड़ा ने इस बढ़ोतरी के लिए मिलों द्वारा कीमतें बढ़ाने को जिम्मेदार ठहराया। चोपड़ा ने पीटीआई को बताया, "मिलों द्वारा बढ़ाई गई चीनी की एक्स-मिल कीमतें अब कम होने लगी हैं। वे घटकर 55 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं और आने वाले दिनों में और कम होंगी।" चीनी की एक्स-मिल कीमत वह भाव होता है जिस पर चीनी सीधे मिल या फैक्ट्री से बेची जाती है। इसमें ट्रांसपोर्ट, टैक्स, थोक और खुदरा विक्रेता का मुनाफा शामिल नहीं होता है।

क्यों बढ़ी कीमत?

उन्होंने कहा कि कीमतों में यह उछाल बुनियादी कारणों से नहीं था, क्योंकि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक है। हालांकि 2025-26 मार्केटिंग वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) के लिए उत्पादन 343 लाख टन के शुरुआती अनुमान से घटकर 306 लाख टन रह गया है। सालाना घरेलू मांग लगभग 280-285 लाख टन है। पिछले हफ्ते, सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी। इसके अलावा थोक उपभोक्ताओं पर स्टॉक सीमाएं लगाईं गई हैं और राज्यों को जमाखोरी और सट्टेबाजी की जांच के लिए निरीक्षण तेज करने का निर्देश दिया गया है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के एमडी प्रकाश नाइकनवारे ने कहा कि देश के किसी भी राज्य में चीनी की एक्स-मिल कीमत अभी 55 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि जमाखोरी की जांच के लिए देश भर में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं और केंद्र के हस्तक्षेप से कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि एक्स-मिल कीमतों में और गिरावट की उम्मीद है।

एक्स-मिल वर्सेज खुदरा कीमत

नाइकनवारे ने बताया कि आमतौर पर एक्स-मिल और थोक कीमतों के बीच 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम का अंतर होता है और एक्स-मिल तथा खुदरा कीमतों के बीच 7-8 रुपये प्रति किलोग्राम का अंतर होता है। हालांकि, एक्स-मिल कीमतों में गिरावट का असर अभी थोक और खुदरा बाजारों में नहीं दिखा है।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीनी की औसत अखिल भारतीय थोक कीमत 58.29 रुपये प्रति किलोग्राम पर ऊंची बनी हुई है, जबकि 24 अगस्त को औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

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