केन-बेतवा प्रोजेक्ट के आंदोलनों पर सरकार की सफाई:अधिकांश पात्र परिवारों को मुआवजे का भुगतान हुआ

Updated on 19-08-2026 12:31 PM
भोपाल, केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परियोजना और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

जल शक्ति मंत्रालय से जारी पीआईबी के प्रेस नोट में कहा है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास लाभ नहीं मिलने के आरोप गलत और भ्रामक हैं।

सरकार के मुताबिक अधिकांश पात्र परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ मिल चुका है, जबकि कुछ मामलों में केवल कागजी औपचारिकताएं बाकी हैं।

प्रेसनोट में कहा है कि केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में जनजातीय परिवारों के बिना मुआवजे विस्थापन के आरोप लगाए जा रहे हैं।

इसके विरोध में 'चिता आंदोलन', 'फांसी प्रदर्शन' और 'जल सत्याग्रह' जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आई हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रदर्शनों में उठाए जा रहे मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े आरोप वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते।

5039 प्रभावित परिवारों के लिए ₹590.74 करोड़ का भुगतान

सरकार के अनुसार पुनर्वास के लिए कुल 5,039 प्रभावित परिवारों की पहचान की गई है। इनके लिए ₹629.87 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है, जिसमें से ₹590.74 करोड़ यानी 93.78 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है।

शेष भुगतान कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पात्र परिवारों को लाभ से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए भूमि रिकॉर्ड का लगातार सत्यापन किया जा रहा है।

कृषि भूमि के मुआवजे में 88.85% राशि बांटी

पीआईबी के मुताबिक जुलाई 2026 तक 10,913 प्रभावित लोगों के कृषि भूमि मुआवजे के लिए ₹360.66 करोड़ तय किए गए। इसमें से ₹320.45 करोड़ यानी 88.85 प्रतिशत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं मकान और अन्य आवासीय परिसंपत्तियों के लिए ₹149.63 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 93.97 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है।

जमीन के लिए ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा

सरकार ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया 2013 के कानून तथा मध्यप्रदेश सरकार के 13 सितंबर 2023 को स्वीकृत विशेष पुनर्वास पैकेज के अनुसार की जा रही है।

अधिगृहीत जमीन के लिए कानून के अनुसार निर्धारित मुआवजा अथवा ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर, जो भी अधिक हो, दिया जा रहा है। मकान, पेड़, कुएं, ट्यूबवेल और दूसरी अचल परिसंपत्तियों का मुआवजा भी नियमानुसार निर्धारित किया जा रहा है।

प्लॉट नहीं लेने पर ₹12.50 लाख की सहायता

पुनर्वास पैकेज के तहत पात्र परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹7 लाख और शहरी क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹6.50 लाख दिए जा रहे हैं। जो परिवार प्लॉट का विकल्प नहीं लेते, उन्हें एकमुश्त ₹12.50 लाख की सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पात्र एससी-एसटी परिवारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है।

करौंदिया में लगाया गया विशेष शिविर

सरकार ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए करौंदिया में विशेष शिविर लगाए जाने की जानकारी भी दी है। इसमें पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा, गरीबी रेखा, लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं से जुड़े आवेदनों को मंजूरी दी गई।

शिविर में 178 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं, आयुष दवाओं का वितरण हुआ, हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति मैपिंग तथा पुस्तकों के वितरण का काम किया गया। सरकार के मुताबिक पिछले दस दिनों में ही 86 प्रभावित लोगों के लिए ₹10.42 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।

सरकार बोली- प्रदर्शनों में बाहरी तत्व शामिल

पीआईबी के प्रेस नोट में सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक और गंभीर दावा किया है। सरकार का कहना है कि हाल के प्रदर्शनों में शामिल लोगों के नाम परियोजना से प्रभावित परिवारों, भू-अभिलेखों या मुआवजा रजिस्टर में नहीं हैं। सरकार ने इन गतिविधियों को मुख्य रूप से बाहरी तत्वों द्वारा परियोजना को लेकर भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश बताया है।

परियोजना से 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई का दावा

सरकार ने परियोजना के फायदे भी गिनाए हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना को नेशनल पर्सपेक्टिव प्लान के तहत देश की पहली प्रमुख नदी जोड़ो परियोजना बताया गया है। इसके जरिए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में केन नदी के अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी में पहुंचाने की योजना है।

सरकार के मुताबिक इससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई, करीब 62 लाख लोगों को पेयजल और 103 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन का लाभ मिलेगा। परियोजना की अनुमानित लागत ₹44,604.99 करोड़ है और जुलाई 2026 तक ₹12,445.85 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।



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