भारत समेत दुनिया के लिए खुशखबरी, होर्मुज स्ट्रेट पहले की तरह खुलेगा, ईरान नहीं वसूलेगा टोल

Updated on 26-05-2026 01:01 PM
वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के लिए चल रही बातचीत से जुड़ी कुछ अहम जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करेगा। यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब वार्ता के बीच में अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरानी द्वीप पर हमले किए हैं। इससे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है।

जापानी अखबार निक्केई ने सोमवार को राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि अमेरिका- ईरान समझौत के 30 दिन बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा। समझौता होने के बाद 30 दिनों की इस अवधि में तेहरान जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगों को हटाएगा ताकि सुरक्षित रूप से यातायात शुरू हो सके। इससे भारत समेत दुनिया को बड़ी राहत मिल सकती है क्योंकि होर्मुज के बंद होने उर्जा संकट गहराया हुआ है।

टोल नहीं वसूलेगा ईरान!

प्रस्तावित समझौते के अनुसार, एक महीने बाद सभी देशों के जहाज पूरी आजादी और सुरक्षा के साथ होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही कर सकेंगे। ईरान जहाजों से किसी भी प्रकार का ट्रांजिट शुल्क लेना बंद कर देगा। इसके साथ ही 8 अप्रैल से जारी सीजफायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा। इस दौरान ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकेगा और इस मुद्दे पर चर्चा करेगा।

रिपोर्ट होर्मुज को समझौते में सबसे आगे बताती है। वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने बताया कि अमेरिका के साथ मौजूदा बातचीत के केंद्र में युद्ध खत्म करना है। परमाणु मुद्दे और होर्मुज स्ट्रेट का प्रबंधन इस सहमति पत्र (MOU) का हिस्सा नहीं हैं। फिलहाल युद्ध को पूरी तरह से रोकने पर हमारा फोकस है।

ईरान का क्या है रुख

इस्माइल बकई ने कहा है कि कई मुद्दे पर ईरान और अमेरिका निष्कर्ष पर पहुंच गए हैं। निश्चित रूप से वार्ता आगे बढ़ रही है लेकिन यह कहना ठीक नहीं है कि किसी समझौते पर तुरंत हस्ताक्षर होने वाले हैं। ऐसा दावा कोई नहीं कर सकता है। हम यह नहीं कह सकते हैं तुरंत ही ईरान और अमेरिका डील का ऐलान करने जा रहे हैं।

होर्मुज के मुद्दे पर बकई ने कहा कि यह ईरान और ओमान से जुड़ा मामला है। ये देश फैसला लेंगे कि इसका प्रबंधन किस तरह किया जाए। उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की कोशिश नहीं कर रहा है। हालांकि सेवाओं और पर्यावरण सुरक्षा के उपायों में स्वाभाविक रूप से कुछ खर्च जरूर आएगा।

कतर में ईरानी डेलीगेशन

अमेरिका से समझौते पर चर्चा के लिए ईरान से उच्च-स्तरीय ईरानी प्रतिनिधिमंडल कतर पहुंचा है। सोमवार को कतर गए डेलीगेशन में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद स्पीकर बाघेर गालिबाफ और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती शामिल हैं। यह टीम अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप देने कतर गई है।

बातचीत के बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने मंगलवार सुबह जारी बयान में कहा है कि दक्षिणी ईरान में हमले किए गए हैं, जिनमें ईरानी मिसाइल साइट और बारूद बिछाने की कोशिश कर रही नावों को निशाना बनाया गया। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य के पास लारक द्वीप पर हुए हैं।

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