होर्मुज संकट के बीच भारत के लिए खुशखबरी, लीबिया में मिला तेल और गैस का व‍िशाल भंडार

Updated on 28-04-2026 06:11 PM
त्रिपोली: भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ऑयल इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। ऑयल इंडिया के लिए लीबिया से अच्छी खबर आई है, जहां उसे तेल और गैस का भंडार मिला है। ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने सोमवार को बताया कि उसने लीबिया में एक ऑनशोर खोज ब्लॉक में तेल और गैस के नए भंडार की खोज की है। इस ब्लॉक में OIL, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ एक भारतीय कंसोर्टियम का हिस्सा है। यह कंसोर्टियम दक्षिण-पश्चिमी लीबिया के घदामेस बेसिन में स्थित ऑनशोर खोज ब्लॉक 'एरिया 95/96' पर काम कर रहा है।

ऑयल इंडिया लिमिटेड को लीबिया में तेल और गैस का एक बड़ा भंडार मिलना भारत के लिहाज से शानदार खबर है। यह वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय कंपनी के अंतरराष्ट्रीय अन्वेषण पोर्टफोलियो को मजबूत कर सकता है। इससे भविष्य में कंपनी को दुनिया के और हिस्सों में सफलता की उम्मीद बढ़ती है।

6,630 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ब्लॉक

ऑयल इंडिया ने बताया है कि यह खोज लीबिया के गदामेस बेसिन में पड़ता है। यह ब्लॉक 6,630 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस क्षेत्र को हाइड्रोकार्बन के लिए काफी संभावना वाला माना जाता है। कंपनी के अनुसार, इस ब्लॉक में आठ अन्वेषण कुओं की योजना बनाई गई है। इनमें से पांच की खुदाई पहले ही की जा चुकी है।
इस ब्लॉक में छठे कुएं (A1-96/02) की खुदाई के नतीजे के तौर पर नए तेल और गैस की खोज हुई है। लीबिया की नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन (NOC) ने औपचारिक रूप से इस कुएं को ब्लॉक में हुई पांचवीं खोज के रूप में मान्यता दी है। कंपनी ने कहा है कि इस क्षेत्र की मजबूत हाइड्रोकार्बन क्षमता और संवभावना को साफ दिखाता है।

पिछली तेल और गैस खोजें

इस क्षेत्र में साल 2012 और 2014 के बीच चार कुओं से तेल और गैस मिला था। कंपनी ने कहा कि नई खोज एक अचछी खबर है। अब इसका विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा ताकि इसकी व्यावसायिक व्यवहार्यता और भंडार की क्षमता का आकलन किया जा सके। इसे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य पाया जाता है तो फिर विकास चरण में एंट्री ली जाएगी।ऑयल इंडिया ने कहा कि यह खोज उसकी विदेशी संपत्तियों का मूल्य बढ़ा सकती है और भविष्य में राजस्व के नए स्रोत खोल सकती है। साथ ही वैश्विक स्तर पर उसके अन्वेषण के दायरे को और मजबूत कर सकती है। यह इसलिए और अहम हो जाता है क्योंकि ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद से दुनिया के बड़े हिस्से में उर्जा संकट है।

यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?

ईरान में चल रहे युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री यातायात के प्रवाह को बाधित किया है। इस वैश्विक तेल मार्ग से दुनिया के पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति होती है। आपूर्ति में इस रुकावट से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बढ़ गया है। इस पृष्ठभूमि में लीबिया के तेल भंडार का रणनीतिक महत्व बढ़ गया है।

भारत के लिए इस खोज की अपनी अहमियत है। यह खोज भारत के उस प्रयास को भी मजबूती प्रदान करती है, जिसके तहत वह विदेशों में ऊर्जा संपत्तियों को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखता है। यह इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि यह समय में हो रहा है, जब भूराजनीतिक जोखिम आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर रहे हैं।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 September 2026
काठमांडू: रसुवा में आए 'हिमालयी सुनामी' और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद नेपाल में मुआवजे की मांग पर बालेन शाह सरकार में मतभेद की रिपोर्ट्स हैं। नवभारत…
 05 September 2026
मेक्सिको सिटी: मेक्सिको में वैज्ञानिकों के एक अनोखे प्रयोग ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। 17 साल पहले मवेशियों के चराने से बंजर हो चुके एक चरागाह (Mexico…
 05 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के टीवी पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि अगर अगला युद्ध होता है तो पाकिस्तान, भारत और इजरायल से परमाणु हथियार छीन लेगा। हामिद मीर पाकिस्तान के…
 05 September 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका की गिनती दुनिया की महाशक्तियों में होती है। इसका कारण सिर्फ अमेरिकी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसकी सैन्य ताकत भी है। लेकिन, क्या हो जब कोई कहे कि…
 04 September 2026
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि इस साल 12 दिसंबर को खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने के लिए…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर हो रही चौतरफा आलोचना के बाद पाकिस्तान अब खुलेआम झूठ पर उतर आया है।…
 04 September 2026
वॉशिंगटन: यूक्रेन से लेकर इजरायल तक में तबाही मचाने वाले ईरान के शाहेद-136 ड्रोन दुनियाभर के लिए स‍िरदर्द बन गए हैं। शाहेद ड्रोन बेहद सस्‍ते हैं और इसी वजह से…
 04 September 2026
इस्लामाबाद: हेग स्थित 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' (PCA) ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला सुनाया है कि सिंधु जल संधि (IWT) को 'स्थगित' (abeyance) करने का भारत का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून…
 31 August 2026
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दौरा सिर्फ मध्य एशिया के साथ संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत…
Advt.