बांग्‍लादेश को साधने में लगे 5 देश, भारत के पड़ोस में 'ग्रेट गेम', चीन को रोकने के लिए जापान की एंट्री

Updated on 13-07-2026 01:28 PM
ढाका: बांग्‍लादेश में शेख हसीना सरकार के जाने के बाद तारिक रहमान सरकार आते ही भारत का यह पड़ोसी देश महाशक्तियों के बीच अखाड़ा बनता जा रहा है। चीन, अमेरिका और रूस के बाद अब बांग्‍लादेश में जापान की भी एंट्री हो गई है। जापान अब तारिक सरकार के साथ अपने रिश्‍ते मजबूत करना चाहता है। जापान ने बांग्‍लादेश के पीएम तारिक रहमान को अगले दो महीने में टोक्‍यो आने का न्‍योता दिया है। अभी यह तय नहीं है कि बांग्‍लादेशी पीएम कब जापान की यात्रा पर जाएंगे। तारिक रहमान हाल ही में चीन की यात्रा से लौटे हैं जहां पर उनका रेड कॉर्पेट वेलकम क‍िया गया था। बांग्‍लादेशी एक्‍सपर्ट का कहना है कि उनके देश पर दुनिया की 5 बड़ी ताकतों का फोकस बढ़ गया है।

बांग्‍लादेशी अखबार प्रथमोओलो की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के बांग्‍लादेश में राजदूत सैदा शिनिचि ने विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से 28 जून को मुलाकात की थी। इस दौरान जापानी राजदूत ने पीएम तारिक रहमान के लिए जापान जाने इच्‍छा जताई थी। इसके बाद 1 जुलाई को जापानी संसदीय दल अपने उप व‍िदेश मंत्री के साथ बांग्‍लादेश आया था। इस दल ने तारिक रहमान से मुलाकात की थी और उन्‍हें टोक्‍यो आने का न्‍योता दिया था। बांग्‍लादेश के विदेश मंत्री ने भी स्‍वीकार किया है कि जापान ने तारिक रहमान को टोक्‍यो आने का न्‍योता दिया है। उन्‍होंने कहा कि इस यात्रा के बारे में अभी बातचीत जारी है। बता दें क‍ि तार‍िक रहमान अभी तक भारत नहीं आए हैं।

तारिक बना रहे महाशक्तियों के बीच बैलेंस


बांग्‍लादेश के राजनयिक सूत्रों का कहना है कि चीन की यात्रा के बाद अब जापान की यात्रा से बांग्‍लादेश की संतुलित व‍िदेश नीति की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। जापान यात्रा के दौरान द्विपक्षीय व्‍यापार, निवेश और रणनीतिक आर्थिक भागीदारी पर बातचीत होगी। बता दें कि बांग्‍लादेश की आजादी के बाद से ही जापान ने हमेशा से ही उसकी खुलकर मदद की है। जापान ने बांग्‍लादेश को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी है। बांग्‍लादेश में सबसे पहले मेट्रो ट्रेन और पोर्ट तथा अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा बनाने में जापान ने ही मदद की थी। जापान और चीन के बीच व‍िवाद अपने चरम पर पहुंचता दिख रहा है। माना जा रहा है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए जापान बांग्‍लादेश के साथ अपने र‍िश्‍ते को मजबूत कर रहा है।

भारत से 'दूरी', चीन को दी तरजीह


तारिक रहमान जब पीएम बने तो सबकी नजर इस बात पर थी कि वह अपनी पहली व‍िदेश यात्रा पर कहां जाते हैं। शेख हसीना सबसे पहले भारत आती थीं जो उनकी प्राथमिकता को दर्शाता था। तारिक रहमान ने भारत से विवाद से बचने के लिए सबसे पहले मलेशिया गए और वहां से वह चीन चले गए जहां उनका रेड कॉर्पेट वेलकम हुआ। बांग्‍लादेश और चीन के बीच मोंगला पोर्ट, तीस्ता नदी प्रोजेक्‍ट और चीन-म्‍यांमार-बांग्‍लादेश कॉरिडोर को लेकर समझौता हुआ। इस डील के बाद अब चीन की भारत के च‍िकननेक तक पहुंच आसान हो जाएगी।
तारिक रहमान ने चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की। शी जिनपिंग ने ही चीन-बांग्‍लादेश कॉरिडोर का प्रस्‍ताव दिया। अभी इस प्रस्‍ताव को बांग्‍लादेश ने मंजूरी नहीं दिया है। वहीं भारत ने इस पूरे डेवलमेंट पर अपनी नजर बनाकर रखी हुई है। बांग्‍लादेश और चीन की ओर से सफाई दी गई है कि ये सभी प्रोजेक्‍ट भारत को लक्ष्‍य करके नहीं बनाए जा रहे हैं। बांग्‍लादेशी एक्‍सपर्ट का कहना है कि देश में 5 बड़ी शक्तियों की रुचि बढ़ती जा रही है। ये हैं- चीन, जापान, अमेरिका, रूस और भारत। बांग्‍लादेश बदलती हुई क्षेत्रीय और वैश्विक भूराजनीतिक वास्‍तविकताओं का केंद्र बनता जा रहा है।

बांग्‍लादेश में क्‍या करना चाहती हैं महाशक्तियां


एक्‍सपर्ट का कहना है कि बांग्‍लादेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति दुनिया का ध्‍यान खींच रही है। उन्‍होंने कहा कि चीन बांग्‍लादेश में बेल्‍ट एंड रोड को बढ़ावा देना चाहता है और बंदरगाह से लेकर कॉरिडोर तक बनाना चाहता है। वहीं जापान की कोशिश है कि वह बांग्‍लादेश की मदद से मुक्‍त हिंद प्रशांत क्षेत्र को बढ़वा दे और सप्‍लाई चेन में व‍िव‍िधता लाए। वहीं कई एक्‍सपर्ट का कहना है कि अमेरिका की नजर बांग्‍लादेश सेंट मार्टिन द्वीप पर है जहां वह अपना सैन्‍य अड्डा बनाकर चीन और भारत के करीब बंगाल की खाड़ी में पहुंच बनाना चाहता है। अभी अमेरिका के पास हिंद महासागर में ड‍ियागो गार्सिया बेस ही है जो काफी दूर है। रूस भी बांग्‍लादेश में परमाणु ऊर्जा संयंत्र चला रहा है।

चीन और पाकिस्‍तान की नापाक चाल, भारत अलर्ट


बांग्‍लादेशी एक्‍सपर्ट का कहना है कि भारत को चीन और अमेरिका दोनों से ही प्रतिस्‍पर्द्धा करनी पड़ रही है। भारत ने बांग्‍लादेश में चीन और पाकिस्‍तान की बढ़ती गत‍िव‍िध‍ियों को देखते हुए अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। भारतीय एक्‍सपर्ट का कहना है कि चीन की बांग्‍लादेश के जरिए भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं पाकिस्‍तान इस्‍लामिक कट्टरपंथियों को बढ़ावा दे रहा है ताकि तनाव को भड़काया जाए। पाकिस्‍तानी सेना और बांग्‍लादेशी सेना के बीच सहयोग बढ़ रहा है। बांग्‍लादेश चीन से जे-10 सी फाइटर जेट खरीदने जा रहा है। ये वहीं व‍िमान हैं जिनका इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान ने भारत के राफेल के खिलाफ क‍िया था। बांग्‍लादेश बड़े पैमाने पर हथियार खरीदने जा रहा है। इसी वजह से भारत ने बांग्‍लादेश सीमा पर अपनी तैयारी को मजबूत किया है और बाड़ बनाने का काम तेज क‍िया है। तार‍िक रहमान भारत आने पर अभी चुप्‍पी साधे हुए हैं। भारत सरकार ने उन्‍हें बहुत पहले न्‍योता द‍िया था।

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