चार दिन चली बैठक में एफएटीएफ ने लिया निर्णय-जून 2022 तक ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाक

Updated on 05-03-2022 08:58 PM

इस्लामाबाद पेरिस में हुई वित्तीय कार्रवाई कार्य बल या फाइनेंशियल टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में आखिरी दिन पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकार रखने का निर्णय लिया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पाकिस्तान का नाम ग्रे लिस्ट की सूची से नहीं हटेगा। पाकिस्तान को जून 2022 तक ग्रे लिस्ट की सूची में रहना होगा। जून 2018 से टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी शर्तों को पूरा नहीं करने के कारण पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में बना हुआ है।

चार दिवसीय एफएटीएफ बैठक एक मार्च शुरू हुई थी। इसके साथ ही, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भी ग्रे लिस्ट में शामिल किया गया है। पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे सूची में डाला गया था। अक्टूबर 2018, 2019, 2020 और 2021 में हुए रिव्यू में भी पाक को राहत नहीं मिली थी।

पाकिस्तान एफएटीएफ की सिफारिशों पर काम करने में विफल रहा है। इस दौरान पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को विदेशों से और घरेलू स्तर पर आर्थिक मदद मिली है। एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में ईरान और उत्तर कोरिया भी शामिल हैं। जिस कारण से इन दोनों देशों को बाहर से निवेश पाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने में काफी परेशानी होती है।

वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) एक अंतर-सरकारी निकाय है, जिसे फ्रांस की राजधानी पेरिस में जी7 समूह के देशों द्वारा 1989 में स्थापित किया गया था। इसका काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग), सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और आतंकवाद के वित्तपोषण पर निगाह रखना है। इसके अलावा एफएटीएफ वित्त विषय पर कानूनी, विनियामक और परिचालन उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा भी देता है। एफएटीएफ का निर्णय लेने वाला निकाय को एफएटीएफ प्लेनरी कहा जाता है। इसकी बैठक एक साल में तीन बार आयोजित की जाती है।

वित्त प्रभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, एफएटीएफ ने अपनी पूर्ण बैठक में दोनों कार्य योजनाओं पर पाकिस्तान की प्रगति की समीक्षा की।

बयान में कहा गया है कि एफएटीएफ के सदस्यों ने पाकिस्तान की प्रगति पर चर्चा में भाग लेते हुए टिकाऊ, मजबूत एएमएल-सीएफटी ढांचे के प्रति पाकिस्तान की निरंतर प्रतिबद्धता को मान्यता दी। पाकिस्तान ने प्रभावी तरीके से अपना मामला पेश किया और कार्य योजनाओं को पूरा करने के प्रयासों को जारी रखने के लिए अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की।

देश दोनों कार्य योजनाओं के अंतिम दो शेष मदों को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास कर रहा है। इस हफ्ते प्लेनरी ने सिंगापुर के टी राजा कुमार को एफएटीएफ के अगले अध्यक्ष के रूप में दो साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त करने का औपचारिक निर्णय लिया। सदस्य देशों ने एफएटीएफ के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. मार्कस प्लीयर के नेतृत्व में एक व्यापक प्रक्रिया के बाद यह निर्णय लिया है।  


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 March 2026
वॉशिंगटन/कोलंबो: ईरानी वॉरशिप पर हमले के बाद अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने श्रीलंका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वॉशिंगटन ने श्रीलंका की सरकार से कहा है कि वह…
 07 March 2026
मैड्रिड: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को एक 'बहुत बड़ी गलती' कहा है। उनका यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
 07 March 2026
वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ जंग छेड़ना अमेरिका को भारी पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिका को ईरानी जवाबी हमलों में न सिर्फ मिलिट्री उपकरणों का नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि सैन्य…
 07 March 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके X अकाउंट से पहला पोस्ट आया है। इस पोस्ट में इजरायल को धमकी दी गई है। इसके साथ…
 06 March 2026
तेहरान/बीजिंग: अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी ने बुधवार को हिंद महासागर में श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। ईरान युद्ध के बीच ये हमला बहुत बड़ा रणनीतिक महत्व रखता…
 06 March 2026
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान की नौसेना का नामोनिशान मिटा देंगे। अमेरिका लंबे समय से ईरान की नौसेना के जहाजों को एक गंभीर खतरा…
 06 March 2026
तेहरान: अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश…
 06 March 2026
नई दिल्ली/बीजिंग: ताइवान पर हमला करने से पहले क्या चीन भारत को कई मोर्चों पर उलझाना चाहता है? ऐसा इसलिए क्योंकि चीन जानता है कि ताइवान पर हमले के वक्त उसके…
 05 March 2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने भारत और कनाडा के बीच 2 मार्च को किए गये यूरेनियन समझौते को लेकर चिंता जताई है। भारत और कनाडा ने एक ऐतिहासिक 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम…
Advt.