'कचरे से कंचन' बनाने की राह पर भोपाल के बड़े आवासीय परिसर, एक दर्जन कॉलोनियां कचरे से बना रहीं खाद

Updated on 03-03-2026 11:47 AM

 भोपाल: केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित 'ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026' के तहत अब राजधानी के बड़े आवासीय परिसरों, सरकारी भवनों और विश्वविद्यालयों को अपने गीले कचरे का निष्पादन स्वयं करना होगा। एक अप्रैल से लागू होने जा रहे इन नियमों के दायरे में शहर की 50 से अधिक बड़ी कालोनियां और संस्थान आएंगे।

निगम प्रशासन के दावों के अनुसार, भोपाल की कुछ प्रमुख कॉलोनियों ने कचरा प्रबंधन की दिशा में आत्मनिर्भरता हासिल की है। वर्तमान में शहर की लगभग एक दर्जन कॉलोनियां ऐसी हैं, जो कॉलोनी में ही खुद अपने कचरे से खाद बनाने का काम कर रही हैं। इनमें आकृति इको सिटी, लेक पर्ल गार्डन, सुविधा विहार, औरा माल के पास स्थित ग्रीन सिटी, सागर सिल्वर स्प्रिंग, सम्राट पार्क, फार्च्यून सिग्नेचर और पेसिफिक ब्लू शामिल हैं।

इन स्थानों पर कचरा प्रोसेसिंग यूनिट्स के माध्यम से गीले कचरे को खाद में बदला जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर नए नियम लागू होने में कम समय बचा है, लेकिन नगर निगम ने अभी तक शहर की सभी पात्र बड़ी कॉलोनियों और संस्थानों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह शुरू नहीं की है।

सीपीसीबी (2023-24) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में प्रतिदिन लगभग 1.85 लाख टन ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है। इतने बड़े पैमाने पर कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय निकायों को जल्द ही चिन्हित परिसरों को नोटिस जारी कर संसाधन जुटाने के निर्देश देने होंगे।

100 किलो कचरा उत्पादक कॉलोनियों पर लागू होगा नियम

नए नियमों के अंतर्गत 'थोक अपशिष्ट उत्पादक' की श्रेणी निर्धारित की गई है। इसमें वे सभी संस्थाएं और परिसर शामिल होंगे, जिनका कुल फर्श क्षेत्रफल 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है। इसके अलावा, जिन परिसरों में प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक पानी का उपयोग होता है या जहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा निकलता है, उन्हें भी इसी श्रेणी में रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, इस श्रेणी के संस्थान कुल शहरी अपशिष्ट में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देते हैं।

डिजिटल निगरानी और प्रमाणपत्र अनिवार्य

नियमों को प्रभावी बनाने के लिए एक केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है। अब भौतिक रिपोर्टिंग के स्थान पर डिजिटल आडिट किया जाएगा, जो कचरे के उत्पादन, संग्रह और निपटान की रीयल-टाइम निगरानी करेगा। इसमें 'विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक जिम्मेदारी' को लागू किया गया है।

इसके तहत संबंधित संस्थानों को परिसर के भीतर ही गीले कचरे का प्रसंस्करण करना अनिवार्य है। यदि किसी तकनीकी कारण से स्थान पर प्रसंस्करण संभव नहीं है, तो उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिम्मेदारी प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। वहीं, निगम ने अभी तक इन कालोनियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की है। ऐसे में यह कालोनियां निगम की परेशानी बढ़ा सकती हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 06 March 2026
भोपाल. होली के उत्सव के बीच प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 4 मार्च को 108 एंबुलेंस सेवा के डेटा के अनुसार एक ही दिन में…
 06 March 2026
भोपाल, भोपाल के जेल रोड करोंद स्थित मैपल ट्री सोसायटी में गुरुवार देर रात लोग स्ट्रीट डॉग्स को लेकर लामबंद हो गए। वे कॉलोनी के गेट पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम…
 06 March 2026
भोपाल, पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को भोपाल के बड़ा तालाब किनारे फिर से सीमांकन शुरू हुआ। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा पहुंची। बेहटा में एफटीएल…
 06 March 2026
भोपाल, राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में हर महीने 1500 से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन यहां रेडिएशन की सुविधा न होने से उन्हें सिर्फ…
 06 March 2026
भोपाल। 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इस बार भोपाल की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने के बजाय कम होने जा रही है।एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने हाल ही में शुरू…
 06 March 2026
भोपाल: राजधानी सहित पूरे प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान (HPV Vaccination Campaign) अब एक नए डिजिटल अवतार में नजर आएगा।90 दिनों के भीतर आठ…
 06 March 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) सेंटर खुलने जा रहा है। प्रदेश में यह पहला सरकारी आईवीएफ सेंटर…
 06 March 2026
भोपाल: मध्य प्रदेश में जमीन से जुड़े विवादों के लिए अब आपत्ति दर्ज करवाना आसान हो गया है। राज्य सरकार ने संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है। जिसके तहत कोई…
 06 March 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने तकनीक आधारित नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। प्रदेश में 40 ई-चेक पोस्ट स्थापित…
Advt.