कोयले से गैस बनाएंगे अडानी, कोल गैसीफिकेशन स्कीम में किया आवेदन, 7 कंपनियों में मची होड़
Updated on
08-09-2026 04:46 PM
नई दिल्ली: भारत में घरेलू कोयले से गैस और औद्योगिक ईंधन बनाने की योजना को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी सामने आई है। केंद्र सरकार की कोयला गैसीकरण योजना के पहले चरण में कुल 7 आवेदन मिले हैं। इनमें गौतम अडानी की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की ओर से तीन अलग-अलग प्रस्ताव शामिल हैं।इसके अलावा NTPC, तलचर फर्टिलाइजर्स, गैलेंट इस्पात और श्याम सेल एंड पावर ने भी इस योजना के तहत आवेदन किया है। कोयला मंत्रालय ने जुलाई में इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी और पहले चरण में आवेदन करने की अंतिम तारीख 7 सितंबर थी। कोल गैसीफिकेशन में मुकेश अंबानी भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।इन कंपनियों ने किया आवेदन
- अडानी एंटरप्राइजेज ने यूरिया उत्पादन से जुड़े तीन अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है।
- गैलेंट इस्पात ने डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) और सिंथेटिक गैस यानी Syngas बनाने की परियोजना का प्रस्ताव दिया है।
- NTPC ने सिंथेटिक नेचुरल गैस (SNG) प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है।
- श्याम सेल एंड पावर ने भी Syngas उत्पादन की परियोजना प्रस्तावित की है।
- तलचर फर्टिलाइजर्स ने यूरिया प्रोजेक्ट के लिए सरकारी सहायता मांगी है।
37,500 करोड़ रुपये का बजट
केंद्र सरकार ने मई में कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी दी थी। इसके लिए 37,500 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य घरेलू कोयले से औद्योगिक कच्चा माल और ईंधन तैयार करना है, ताकि देश की आयात पर निर्भरता कम की जा सके।सरकार का फोकस एलएनजी, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल जैसे उत्पादों के आयात को घटाने पर है। वित्त वर्ष 2024-25 में इन उत्पादों के आयात पर भारत ने करीब 2.77 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे।क्या है सरकार का लक्ष्य?
- इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश में 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता विकसित करना है।
- इसमें योजना के तहत करीब 75 मिलियन टन क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- सरकार को उम्मीद है कि यह योजना निजी और सरकारी निवेश को बढ़ावा देगी। इससे करीब 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित किया जा सकता है।
8 प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
कोयला गैसीकरण योजना को नेशनल कोल गैसीफिकेशन मिशन के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले जनवरी 2024 में सरकार ने 8500 करोड़ रुपये की एक योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत फिलहाल 8 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाएं बड़े पैमाने पर निवेश वाली परियोजनाएं हैं। अंबानी भी हैं लाइन में
कोल गैसीफिकेशन सेक्टर में एंट्री मारने के लिए मुकेश अंबानी भी तैयार हैं। दरअसल, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने देश को विदेशी ऊर्जा संकट से उबारने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। रिलायंस ने आंध्र प्रदेश में भारत का पहला एकीकृत अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन (UCG) कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के लिए अगले 30 वर्षों में लगभग 2.73 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है।